अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के लिए सीट आवंटन में यह बदलाव एक कड़ा संदेश देता है कि कांग्रेस अपनी सत्ता की भूख में अपने सहयोगियों को नजरअंदाज कर सकती है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस की इस "महारानी" मानसिकता के चलते अन्य दलों के बीच गठबंधन की गांठ ढीली तो नहीं हो जाएगी.
बांग्लादेश के चटगांव में इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी के बाद हालात और बिगड़ गए हैं. उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए, लेकिन इस दौरान BNP और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें 50 हिंदू घायल हो गए हैं.
चौरा 1984 में पाकिस्तान भी गया था और आतंकवाद के शुरुआती चरण के दौरान पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की बड़ी खेप की तस्करी में भी इसकी भूमिका रही है.
Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस होंगे. फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से ही देवेंद्र फडणवीस के नाम की चर्चा सीएम पद के लिए सबसे अधिक थी. चर्चाओं पर अब विराम लग चूका है और देवेंद्र फडणवीस 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
Maharashtra CM: देवेन्द्र फड़नवीस 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है. बता दें, एकनाथ शिंदे और अजित पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री होंगे.
Sukhbir Singh Badal: 4 दिसंबर, बुधवार को पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर को गोल्डन टेंपल के गेट के पास गोली चलाई गई है. बादल पर चली गोली गोल्डन टेंपल के गोली दीवार पर जाकर लगी है. जिसमें वे बाल-बाल बच गए.
National: उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र से कई सलवा पूछे, लेकिन एक भी सवाल का जवाब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नहीं दिया.
संभल हिंसा के पीड़ितों से मिलने जा रहे लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को गाजीपुर बॉर्डर पर रोक दिया गया है. कमिश्नर आंजनेय सिंह ने राहुल को संभल आने से मना किया है.
Farmers Protest: टिकैत ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं को अनुचित तरीके से गिरफ्तार किया गया है.
नवाब टोंक के समय से यह मस्जिद अस्तित्व में है, और यहां पर नमाज अदा करने की परंपरा काफी पुरानी है. इस समय में भी कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि मस्जिद और उसका परिसर उसी समय से वक्फ संपत्ति है, जब नवाब टोंक ने इसे दान किया था.