पीएम ने कहा कि बिहारियों का सबसे बड़ा गुण उनका 'स्वाभिमान' है, लेकिन इन पार्टियों ने उस स्वाभिमान पर बहुत ठेस पहुंचाई है. उन्होंने 'जंगलराज वालों' पर बिहार के आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने और विकास को रोकने का मौका तलाशने का आरोप लगाया.
ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा, 'ये बेहद अफसोस जनक है कि हम जुल्म करने वाले इजरायल का साथ दे रहे हैं. भारत अमेरिका के साथ है लेकिन ईरान के साथ नहीं है. इजरायल और अमेरिका आतंकवादी हैं. इजरायल ने फिलस्तीन में 65000 से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या कर दी.'
4 लेन में बने इस एक्सप्रेस-वे को बनने में लगभग साढ़े 5 साल का समय लग गया. 10 फरवरी 2020 को एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हुआ था. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से लखनऊ, गोरखपुर, संतकबीर नगर, आजमगढ़, बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच की दूरी कम हो जाएगी.
बीजेपी, पीएम मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व और लोकप्रियता का इस्तेमाल कर रही है ताकि पारंपरिक एम-वाई समीकरण को कमजोर किया जा सके और दूसरे वर्गों के वोट खींचे जा सकें. यह पूरा इलाका भोजपुरी भाषी है. भले ही ये तीनों जिले अलग हों, लेकिन इनकी संस्कृति और भाषा एक है, जिससे एक जिले का प्रभाव दूसरे पर भी पड़ता है. बीजेपी इस सांस्कृतिक जुड़ाव का फायदा उठाना चाहती है.
दिल्ली मेट्रो में सांप घुसने का वीडिया सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. लेडीज कोच में काफी भीड़ थी और महिलाएं इधर-उधर भागते हुए नजर आ रहीं हैं. कुछ लड़कियां मेट्रो के अंदर लगे डंडे पर भी लटकी हुई नजर आईं.
Bihar Election 2025: तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए तीखा हमला बोला है. जिससे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले RJD की रणनीति और एकता पर सवाल उठ रहे हैं.
Patna News: पेंद्र कुशवाहा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी भरे कॉल और मैसेज मिले हैं. इस धमकी से बिहार में सियासी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं.
फ्लाइट FR6080 ने अपनी उड़ान के दौरान भीषण टर्बुलेंस का सामना किया. यात्रियों ने बताया कि इस दौरान उन्हें कोई सीटबेल्ट अलर्ट भी नहीं मिला था. विमान ने सफलतापूर्वक रनवे पर लैंडिंग कर ली थी, लेकिन असली समस्या उसके बाद शुरू हुई.
Draft for Airport Area: नए ड्राफ्ट नियमों का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डों के आसपास ऊंची इमारतों, पेड़ों, या अन्य संरचनाओं को नियंत्रित करना है.
बीजेपी जानती है कि नीतीश कुमार का अपना एक कोर वोट बैंक है और उनका अनुभव गठबंधन के लिए जरूरी है. इसलिए, चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा ताकि उनके समर्थक NDA के साथ बने रहें. दूसरी ओर बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत करना चाहती है और अंततः अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.