Iran Israel War Impact In Pakistan: मिडिल ईस्ट के तनाव का असर पाकिस्तान में दिखने लगा है. संघर्ष की वजह से पाकिस्तान कंगाली की ओर बढ़ गया है. सरकार ने खुद चिंता जताते हुए कई नए नियमों की घोषणा की है. जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं, कि पाकिस्तान कितने संकटों से जूझ रहा है. अगर यही स्थिति कुछ दिनों तक और बनी रही, तो पाकिस्तान दानें-दानें को तरसने को मजबूर हो जाएगा.
ईरान-इजरायल जंग से भले ही किसी देश को फायदा या नुकसान न हुआ हो, लेकिन पाकिस्तान में इसका असर साफ दिखने लगा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि बढ़ते तनाव का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा पड़ने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. जिसकी वजह से पाकिस्तान की फ्यूल आयात सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है. फ्यूल संकट को देखते हुए सरकार ने कई शख्त कदम उठाए हैं.
शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
पाकिस्तान में लगातार तेल की हो रही किल्लतों के बीच खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नए नियम तय किए हैं, जिसके अनुसार स्कूलों को 2 हफ्ते बंद किया जाएगा. कॉलेज और यूनिवर्सिटी की क्लासेस ऑनलाइन चलाई जाएंगी, ताकि आवाजाही से बचा जा सके और तेल की खपत को रोका जा सके. इसके अलावा सरकारी कार्यक्रम, डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी रोक लगाने का फैसला किया है. तेल के अलावा भी पाकिस्तान में कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं. जो आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन में असर डालते हैं.
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क्यों हुई किल्लत?
ईरान-इजरायल जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है. होर्मुज स्ट्रेट वह रूट है, जहां से दुनिया के एक बड़े हिस्से का तेल गुजरता है. जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट पर सीधा असर पड़ा. इसके साथ ही कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया. अगर यह जंग अभी नहीं थमती और कुछ दिनों तक चलती रही, तो हालात और खराब हो जाएंगे.
