Balen Shah: नेपाल की राजनीति में एक बार से नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. हिंसात्मक Gen Z प्रदर्शनों के बाद नेपाल में हुए पहले आम चुनावों के नतीजों ने दशकों से राज कर रहे पुराने दिग्गजों के पैर उखाड़ दिए हैं. रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह की नई पार्टी ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP), देश के आम चुनावों में बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है. नेपाल में बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है.
किसको कितनी सीटें मिली
नेपाल चुनाव आयोग की तरफ से जारी 165 में से 161 निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 24 सीटें, नेपाली कांग्रेस ने चार सीटें, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) ने दो सीटें और CPN-UML ने 31 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक सीट जीती है. नेपाली कांग्रेस और CPN-UML जैसी पारंपरिक पार्टियां इस आंधी में टिक नहीं पा रही हैं.
ओली को मिली करारी हार
भारत विरोधी और नेपाल के दिग्गज नेता ओली को आम चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा. सबसे बड़ा उलटफेर ‘झापा-5’ निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिला है, जो पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का गढ़ माना जाता था. यहां पर बालेंद्र शाह ने ओली के खिलाफ 15,000 वोटों से ज्यादा से जीत हासिल की है. ओली अब तक चार बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं. उनके राजनीतिक करियर का अब तक ये सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
कौन हैं बालेन शाह?
बालेन शाह की उम्र 35 साल है और वह एक पेशेवर इंजीनियर और मशहूर रैपर हैं. अभी तक वह काठमांडू के मेयर थे. बालेन शाह के काम करने के अंदाज ने युवाओं को बहुत प्रभावित किया था. बालेन शाह ने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया है. वे 2022 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर बने और युवाओं के बीच आइकॉन बन गए.
2022 में किया था अपनी पार्टी का गठन
इसके बाद उन्होंने 2022 में ही आरएसपी का गठन किया था, जेंन-जी आंदोलन के बाद उनकी यह पार्टी असंतोष का बड़ा चेहरा बन गई. बालेन शाह की पार्टी का फोकस एंटी-करप्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बैलेंस्ड फॉरेन पॉलिसी पर है. कुल मिलाकर, बालेन की जीत नेपाल में पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ युवा विद्रोह का प्रतीक है.
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