Trump on Russian Oil: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग को लेकर हालात काफी खतरनाक होते जा रहे हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए इस जंग का आज 14वां दिन है. पहले अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया, जिसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए. अब दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. एक ओर अमेरिका जहां अपनी जीत को लेकर कई तरह के दावे कर रहा था. इसी बीच अमेरिका खुद कमजोर होता दिखाई दे रहा है. जानें क्या हुआ?
अमेरिका ने जंग शुरू होने से पहले ज्यादातर देशों को रूस से तेल न खरीदने की धमकी दी थी. लेकिन अब वो पूरी तरह अपने बयानों के पलटते नजर आ रहे हैं. मिडिल ईस्ट में बनें तनाव के बीच ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने की अनुमति भारत समेत कई देशों को दे दी है. जहां जंग शुरू होने के बाद अमेरिका ने दावा कि ईरान के पास सरेंडर करने के अलावा कोई भी रास्ता नहीं बचा है. वहीं, अब उनका दावा कमजोर होते दिखाई दे रहा है. कुछ लोग रूस से तेल खरीदने की अनुमति को अमेरिका की हार के रूप में देख रहे हैं.
किन वजहों से ट्रंप ने दी अनुमति?
मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. जिसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा हो गया. कीमत भी आसमान छूने लगीं. अगर इस पर बातचीत कर मामले को सुलझाया नहीं गया, तो हालात बद से बदतर होने की संभावना है. इसलिए ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने की अनुमति दे दी. ट्रंप की इस अनुमति को लोग उनकी हार बता रहे हैं और कह रहे कि ट्रंप के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है. हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि यह अनुमति सिर्फ और सिर्फ समुद्र में फंसे जहाजों से तेज खरीदने के लिए दी गई है.
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रूस से तेल खरीदने की मिली अनुमति
मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जंग को खत्म करने की बात कही थी. पुतिन ने ईरान के कई नेताओं से भी बातचीत की थी. इसी बीच ट्रंप ने रूस से तेल खरीदी को लेकर अनुमति दे दी. ऐसे में लोगों का मानना है कि पुतिन को इस जंग से दूर रखने के लिए ट्रंप ने फैसला लिया है. रूस से तेल खरीदी की अनुमति को ट्रंप की हार के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि ट्रंप अब आगे क्या फैसला लेते हैं.
