ईरान से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां पर 19 साल के एक रेसलर को फांसी की सजा सुनाई गई है. युवा पहलवान सालेह मोहम्मदी को फांसी दिए जाने की खबर के बाद दुनियाभर में गुस्सा और डर का माहौल है. जानकारी के मुताबिक देश के उभरते हुए चैंपियन पहलवान सालेह मोहम्मदी (19 वर्ष) समेत तीन युवाओं को फांसी 19 मार्च 2026 को फांसी पर लटका दिया गया. इन तीनों युवाओं को शियाओं के पवित्र शहर कोम में क्रेन से लटकाकर मारा गया.
सरेआम क्रेन से लटकाकर दी गई फांसी
इसका उद्देश्य केवल एक था कि जो लोग विरोध की सोच रहे है उनके अंदर खौफ पैदा हो सके. राज्य मीडिया और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, इस सार्वजनिक फांसी के जरिए सरकार ने स्पष्ट इशारा कर दिया कि वह बाकी प्रदर्शनकारियों को भी इसी तरह फांसी के फंदे पर लटकाने का विचार रखती है. गौर करने वाली बात ये है कि पिछले 20 दिनों से चल रही जंग ईरान अपने दुश्मनों, यूएस और इजरायल के हाथों बुरी तरह रौंदा जा रहा है लेकिन फिर भी उसके कट्टर पन में किसी भी तरह की कमी नहीं आई है.
इन लोगों के दी गई फांसी
ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) के मुताबिक, पहलवान सालेह मोहम्मदी के साथ सईद दावोदी और मेहदी गासेमी को भी फांसी पर लटकाया गया. इन तीनों पर 8 जनवरी 2026 को विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2 पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप था. इन तीनों को लोगों की भीड़ के सामने सरेआम फांसी की सजा दी गई.
IHRNGO के निदेशक ने कहा…
वहीं इस मामले में IHRNGO के निदेशक महमूद अमीरी-मोघद्दम ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ‘फांसी दिए गए तीनों युवाओं को यातना देकर जबरदस्ती आरोप कबूलवाए गए. उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित करने का भी उचित मौका नहीं दिया गया. भेदभाव भरी न्यायिक कार्यवाही के बाद तीनों को मौत की सजा दी गई.’
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