US-Iran-Israel War: मिडल ईस्ट के देशों में चल रहे युद्ध के चलते पूरी दुनिया में इसका असर दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी देखी गई है. इस किल्लत की वजह से कई शहरों के होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह से बंद हो गए हैं. वहीं सिलेंडर भराने के लिए लोग कई किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े हैं. एक तरफ एलपीजी की कमी की मार खत्म हुई नहीं है, वहीं अब दूसरी तरफ ऐसी खबरें सामने निकलकर आ रही हैं कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी बंद हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस विषय के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं.
क्या बंद हो सकता है इंटरनेट?
- विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसका बुरा असर इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है.
- इसकी वजह यह है कि एलपीजी का इस्तेमाल न केवल फैक्ट्रियों में होता है, बल्कि कई जगहों पर मोबाइल टावरों और डेटा सेंटरों को बिजली देने वाले जनरेटरों में बैकअप ईंधन के तौर पर भी किया जाता है.
- ऐसे में अगर गैस की सप्लाई रुकती है, तो इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क को चालू रखना मुश्किल हो सकता है.
क्या LPG की कमी से इंटरनेट बंद हो जाएगा?
वैसे तो टेलिकॉम कंपनियों के पास एलपीजी गैस के अलावा, भी दूसरे ऑप्शन मौजूद होते हैं, लेकिन यदि एलपीजी की कमी लंबे समय तक रहती है, तो इंटरनेट के संचालन की कीमत में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा. वहीं देश के कुछ इलाकों में इंटरनेट की स्पीड में कमी भी आने लगी है. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) का कहना है कि सरकार ने पहले घर के गैस सिलेंडरों की ज़रूरत पूरी करने का आदेश दिया है. इस वजह से तेल कंपनियों ने मोबाइल टावर चलाने वाली कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी है. हालांकि, अच्छी बात यह है कि अभी पूरे देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट बिल्कुल ठीक चल रहे हैं.
क्यों जरूरी है लगातार टेलीकॉम कनेक्टिविटी?
DIPA के अनुसार, टेलीकॉम नेटवर्क सिर्फ कॉल या इंटरनेट चलाने के लिए ही नहीं, बल्कि देश के कई जरूरी कामों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. आज सुरक्षा ऑपरेशन, इमरजेंसी सेवाएं, ऑनलाइन पेमेंट, सरकारी प्लेटफॉर्म और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पूरी तरह इसी पर टिकी हैं. संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर नेटवर्क से जुड़े सामान की सप्लाई रुकी, तो नए टेलीकॉम टावर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भारी दिक्कत आ सकती है.
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सरकार से क्या मांग की गई?
DIPA ने दूरसंचार विभाग से कहा है कि वे बिजली मंत्रालय और राज्यों की बिजली कंपनियों के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें. संगठन की मांग है कि टेलीकॉम टावर बनाने वाली कंपनियों को LPG और LNG सप्लाई पर लगी रोक से राहत दी जाए. उनका कहना है कि अगर यह पाबंदी जारी रही तो नए टावर लगाने का काम धीमा हो जाएगा, जिससे दूर-दराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने में काफी मुश्किल आएगी.
