Vistaar NEWS

अब ऑनलाइन ठगी पर मिलेगी राहत! डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को सरकार देगी 25 हजार रुपये, RBI का नया ड्राफ्ट तैयार

RBI

RBI

Digital Fraud Compensation India: आरबीआई (RBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी ग्राहकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक नए ड्राफ्ट नियम का प्रस्ताव दिया है. इसके अनुसार, यदि आपके साथ कोई डिजिटल फ्रॉड होता है और आप समय रहते इसकी जानकारी देते हैं, तो आपको नुकसान की भरपाई के तौर पर 25,000 रुपये तक की राशि वापस मिल सकती है. आसान शब्दों में कहें तो यह नियम ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने और उनके पैसे की रिकवरी के लिए बनाया गया है.

इस नियम का मुख्य मकसद क्या है?

इन नियमों का मुख्य मकसद बैंकों द्वारा शिकायतों को सुलझाने में लगने वाली देरी को खत्म करना और छोटे स्तर की धोखाधड़ी के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाना है. आरबीआई ने इस योजना पर आम लोगों और विशेषज्ञों से 6 अप्रैल 2026 तक उनकी राय और सुझाव मांगे हैं. सबकी सलाह लेने के बाद सरकार इन नियमों को औपचारिक रूप से लागू कर देगी.

साइबर फ्रॉड होने पर सरकार कितना पैसा देगी?

नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अगर किसी के साथ 50,000 रुपये तक की डिजिटल धोखाधड़ी होती है और वह तुरंत इसकी जानकारी देता है, तो उसे हर्जाना मिल सकता है. इसमें ग्राहक को नुकसान का 85% हिस्सा या अधिकतम 25,000 (दोनों में से जो कम हो) वापस मिल सकेंगे. RBI का लक्ष्य इस कदम के जरिए लोगों का भरोसा जीतना और ऑनलाइन पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाना है. यह नियम फिलहाल शुरू होने के बाद एक साल तक लागू रहेगा, फिर इसके नतीजों को देखकर आगे का फैसला लिया जाएगा.

2017 के नियमों में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

नए नियमों से जल्द निपटेंगे शिकायत के मामले

यह देखा गया है कि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर जब कोई व्यक्ति पुलिस में शिकायत करता है, तो अक्सर जांच में बहुत देरी होती है. इस सुस्ती की वजह से पीड़ित को समय पर पैसा वापस नहीं मिल पाता और उसे मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आरबीआई (RBI) चाहता है कि बैंक वित्तीय संस्थान और पुलिस विभाग मिलकर इस प्रक्रिया को तेज करें. इसके अलावा, प्रस्तावित ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान है कि भविष्य में आरबीआई इस मुआवजे में अपनी जिम्मेदारी कम कर सकता है और बैंकों की जिम्मेदारी बढ़ा सकता है.

ये भी पढ़ें-HDFC Bank ने बढ़ाई FD की ब्याज दरें, अब निवेश पर मिलेगा ज्यादा रिटर्न, जानिए नया रेट

6 अप्रैल तक सुझाव दे सकते हैं लोग

आरबीआई ने इस नए ड्राफ्ट को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर डाल दिया है, ताकि बैंक, वित्तीय संस्थान और आम लोग इसे पढ़ सकें. यदि आप इस प्रस्ताव पर अपनी कोई राय या सुझाव देना चाहते हैं, तो आप 6 अप्रैल 2026 तक ईमेल के जरिए अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं. सभी पक्षों से फीडबैक मिलने और उन पर विचार करने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा.

Exit mobile version