Mauganj News:- गर्मी की शुरुआत में फीकी पड़ती बहुती जलप्रपात की खूबसूरती, खतरे में प्राकृतिक विरासत!
मऊगंज। मध्य प्रदेश का सबसे गहरा जलप्रपात बहुती जलप्रपात गर्मी की शुरुआत के साथ ही अपनी सुंदरता खोता नजर आ रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित यह प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल इन दिनों सूखते जलस्तर के कारण अपनी पहचान खोने की कगार पर पहुंच गया है।
बरसात में लुभाता, गर्मी में रुलाता—बहुती जलप्रपात का बदलता रूप
बरसात के मौसम में बहुती जलप्रपात का नजारा बेहद आकर्षक होता है। ऊंचाई से गिरता पानी, चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक गूंज पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। यही वजह है कि बारिश के दिनों में यहां दूर-दूर से लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं।
लेकिन जैसे ही गर्मी का असर बढ़ता है, जलप्रपात का जलस्तर तेजी से घटने लगता है। वर्तमान में हालात यह हैं कि पानी लगभग सूख चुका है और केवल चट्टानी ढांचा ही दिखाई दे रहा है। ऐसे में यहां आने वाले सैलानियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
वाटर रिसाइक्लिंग और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सौंदर्यीकरण और वाटर रिसाइक्लिंग सिस्टम पर ध्यान दिया जाए, तो इस जलप्रपात को सालभर आकर्षण का केंद्र बनाए रखा जा सकता है। वर्षा जल संचयन, छोटे जलाशयों का निर्माण और पानी के पुनर्चक्रण जैसे उपाय इस दिशा में कारगर साबित हो सकते हैं।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल के संरक्षण और विकास के लिए अब प्रशासनिक पहल की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि बहुती जलप्रपात की खूबसूरती सिर्फ बारिश तक सीमित न रह जाए, बल्कि सालभर पर्यटकों को आकर्षित करती रहे।