Bihar Election: तेजस्वी ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में दिए गए, जिसे उनकी सरकार वापस कराएगी.
Bihar Election 2025: बिहार की हॉट विधानसभा सीटों में से एक राघोपुर विधानसभा सीट लालू परिवार का पारंपरिक सीट मानी जाती है. इस चुनाव के लिए BJP ने इस सीट पर तेजस्वी यादव के खिलाफ सतीश कुमार यादव को मैदान में उतारा है. जानिए कौन हैं सतीश कुमार यादव, जो पहले तेजस्वी की मां राबड़ी देवी को मात दे चुके हैं.
Bihar Politics: तेजस्वी यादव का वादा युवाओं में उत्साह भर सकता है, जहां बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर है. लेकिन फैक्ट्स साफ कहते हैं कि बिहार का बजट टाइट, आय केंद्र-निर्भर, कर्ज ऊंचा और मौजूदा सैलरी ही समय पर न दे पा रहे. अगर यह वादा लागू हुआ, तो टैक्स बढ़ाना, नई योजनाएं काटनी पड़ेंगी या केंद्र से स्पेशल पैकेज मांगना होगा.
Mahagathbandhan Seat Sharing Formula: बिहार की 243 सीटों पर सबकी नजरें टिकी हैं. पिछली बार 2020 में RJD ने 144 सीटों पर तीर चलाए थे, लेकिन इस बार वे थोड़ा 'समझदार भाई' बनकर 125-130 सीटों पर संतुष्ट हैं. क्यों? क्योंकि गठबंधन के छोटे भाई-बहनों को भी तो जगह देनी है.
Bihar Election 2025: दरभंगा की चुनावी रैली में भी ओवैसी ने तेजस्वी पर जमकर निशाना साधा था. ओवैसी ने हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए तेजस्वी को 'अहंकारी' बताया.
Mukesh Sahni Deputy CM Claim: महागठबंधन के नेता 6 अक्टूबर को फिर से मिल रहे हैं और सूत्रों की मानें तो अगले दो दिनों में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की लिस्ट पर आधिकारिक ऐलान हो सकता है. वामदल के नेता अजय कुमार ने दावा किया कि सीटों का बंटवारा लगभग फाइनल है और 7 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी डिटेल सामने आ सकती है.
Bihar Politics: आरजेडी का कोर यादव (14%) और मुस्लिम (17%) यानी 20 साल से 'MY फैक्टर' पर टिका है, जो 2020 में 75 सीटें दिला गया. तेजस्वी, लालू के लाल, अब 'युवा आइकन' हैं. 2019-2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने 'BAAP' फॉर्मूला (बहुजन-अगड़ा-आधी आबादी-गरीब) आजमाया, AI वीडियो और मीम्स से डिजिटल कैंपेन चलाया.
भा में तेजस्वी को आने में थोड़ी देर हुई तो भीड़ कम होने लगी. तभी राजद के तमाम नेताओं ने स्टेज पर डांसर बुलाकर ठुमके लगवा दिए.
Bihar Adhikar Yatra: राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा खत्म हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं कि तेजस्वी यादव अकेले बिहार यात्रा पर निकल गए हैं.
तेजस्वी की ये यात्रा सिर्फ जनता से मिलने का बहाना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी सियासी चाल है. वो अपने पिता लालू प्रसाद यादव की राह पर चलते हुए जनता से सीधा कनेक्शन बनाना चाहते हैं. लालू यादव अपनी रैलियों और यात्राओं से हमेशा जनता के बीच छाए रहते थे, और तेजस्वी भी उसी अंदाज को अपनाने की कोशिश में हैं.