करीब डेढ़ दशक बाद पहली बार सुकमा कलेक्टर अमित कुमार का ताड़मेटला पहुंचना सिर्फ एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि बदलाव की ओर बढ़ता एक नया कदम भी है. यह उस दूरी के टूटने का संकेत है, जो वर्षों से शासन और गांव के बीच बनी हुई थी.