Supreme Court: जस्टिस अभय ओका ने कहा, “एडवोकेट जनरल हमें बताइए कि किस अधिकारी के कहने पर आपने केंद्र से ट्रैक्टर और मशीनों के लिए फंड मांगने का झूठा बयान दिया था. हम तुरंत उस अधिकारी को अवमानना का नोटिस जारी करेंगे.
Bahraich Violence: सीनियर एडवोकेट सी.यू. सिंह ने कोर्ट को बताया कि 13 अक्टूबर को एक जुलूस निकला था, जिसके बाद यह घटना हुई. इस याचिका को तीन लोगों ने दायर किया है, जिन्हें अपने घरों को तीन दिनों के भीतर गिराने का नोटिस मिला है.
मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर करने का निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया था, जो एनसीपीसीआर की रिपोर्ट पर आधारित था. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि मदरसों की मान्यता रद्द की जाए यदि वे आरटीई के नियमों का पालन नहीं करते हैं.
Bahraich Bulldozer Action: बहराइच हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद सहित 23 लोगों के घरों व दुकानों पर पीडब्ल्यूडी ने शनिवार को नोटिस लगा दिया था. विभाग की तरफ से नोटिस सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण करने को लेकर लगाई गई थी.
Bahraich Violence: बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने एससी से हिंसा वाले क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। यह याचिका बहराइच हिंसा से जुड़े 3 आरोपियों और रिश्तेदारों ने एससी में दाखिल की है।
दक्षिण गोवा में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन- रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि एससी जनता की अदालत है और इसको इसी रूप में देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का काम संसद में विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं है।
धारा 6A का उद्देश्य असम में 1 जनवरी 1966 से 25 मार्च 1971 के बीच बांग्लादेश से आने वाले प्रवासियों की नागरिकता से संबंधित मामलों को निपटाना है. इसके तहत, इन प्रवासियों को 1985 में संशोधित नागरिकता कानून के तहत पंजीकरण कराना आवश्यक है.
देश के सर्वोच्च न्यायलय में कानून की देवी के आंखों से काली पट्टी हटा दी गई है. वहीं उनकी हाथ में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है.
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को भी लताड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले तीन सालों में एक भी व्यक्ति पर मुकदमा नहीं चलाया गया है.
CJI DY Chandrachud: इस मामले की सुनवाई करते हुए CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा.