सतीश महाना ने कहा कि अधिकारियों का विधायकों के साथ सहयोग ना करना बेहद चिंताजनक है. अधिकारियों का आचरण संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.
अध्यक्ष महाना ने एकदम से कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “यह हमारी विधानसभा है, और ये गंदगी बिल्कुल नहीं चलेगी!” उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन जो यह कृत्य कर रहा था, उसे खुलेआम चुनौती दी कि वह खुद आकर यह बताए कि उसने ऐसा क्यों किया?
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री ने ही हमारे सदस्य पर असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और विधानसभा स्पीकर ने जो अतुल प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की है, उसका हम विरोध करते हैं.