पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इनमें पांच साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली शामिल है. व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को सामान्य करने की दिशा में भी लगातार प्रयास हो रहे हैं.
S. Jaishankar: नीदरलैंड्स के एक अखबार को दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है.
India-AFG: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत की. यह बातचीत भारत और तालिबान सरकार के बीच नए कूटनीतिक संबंधों का आगाज के रूप में देखा जा सकता है.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन खालिस्तानी समर्थकों का संबंध अगर भारत से निकलता है, तो उनकी संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
S Jaishankar: लंदन में खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की गाड़ी के सामने आकर प्रदर्शन किया. उनकी कार को रोकने की कोशिश की गई. उनकी गाड़ी के सामने नारेबाजी की गई. इतना ही नहीं खालिस्तानी समर्थकों ने तिरंगे का अपमान तक किया. इन लोगों ने भारतीय झंडे को फाड़ने की कोशिश की.
Jaishankar On Pok: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर लंदन दौरे पर हैं. जहां उन्होंने Pok के बारे में बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि इसे भारत से चुराया गया है
S Jaishankar: एस जयशंकर इन दिनों ब्रिटेन दौरे पर हैं. वे 5 मार्च को लंदन के चैथम हाउस थिंक टैंक के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. जहां उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK को खाली करने से सभी मुद्दे ठीक हो जाएंगे.
यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो गया है क्योंकि ट्रंप ने तीन अलग-अलग मौकों पर यह दावा किया है कि भारत को अमेरिका से 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली. हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में यह कहा गया था कि यह फंडिंग बांग्लादेश के लिए थी, न कि भारत के लिए. लेकिन ट्रंप ने इसे लेकर साफ कहा कि दोनों देशों को यह मदद मिली थी.
S Jaishankar: अमेरिका से भारत लाए गए 104 भारतीयों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया था. जिसके बाद से विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा था. अब इस पूरे मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बयान दिया है. उन्होंने अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का मामला कोई नया नहीं है.
इस समारोह में जयशंकर के शामिल होने और उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है.