Chaturgrahi Yog 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस समय मीन राशि में चंद्रमा, शनि, सूर्य और शुक्र ये चार बड़े ग्रह एक साथ मौजूद हैं. ज्योतिष में जब चार ग्रह एक ही राशि में मिलते हैं, तो इसे 'चतुर्ग्रही योग' कहते हैं, जिसका खास असर 20 मार्च तक रहेगा.
Chaitra Navratri 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र अमावस्या 18 मार्च की सुबह शुरू होकर 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी. इसके तुरंत बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी. समय के इसी बदलाव की वजह से अमावस्या के धार्मिक काम और नवरात्रि की शुरुआत दोनों एक ही दिन यानी 19 मार्च को पड़ रहे हैं.
Mahakal Temple Brahamdhwaj: बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर के शिखर पर गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्मध्वज वैदिक मंत्रोच्चार कर लगाया जाएगा. महाकाल मंदिर के साथ अन्य सभी धार्मिक स्थलों पर ब्रम्हध्वज लगाया जाएगा
Surya Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष के अनुसार, कल यानी 18 मार्च को सूर्य देव अपना नक्षत्र बदलकर 'उत्तराभाद्रपद' में जा रहे हैं, जिसके स्वामी शनि देव हैं. इस बदलाव का असर वैसे तो सभी पर होगा, लेकिन तीन राशियों के लिए यह समय बहुत ही भाग्यशाली रहने वाला है.
Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा. यह ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर अगले दिन 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे खत्म होगा. हालांकि, यह इस सदी के लंबे ग्रहणों में से एक होगा.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान घर के मुख्य दरवाजे पर ताजे आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, तोरण लगाने से घर शुद्ध होता है और माता रानी का वास होता है. इससे परिवार में आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और एक-दूसरे के प्रति लगाव बढ़ता है.
Kharmas Vastu Tips: शास्त्रों के अनुसार, खरमास में मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए क्योंकि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों के दुष्परिणाम मिल सकते हैं. शादी-विवाह और मुंडन से लेकर बच्चों के अन्नप्राशन तक सभी शुभ कार्यों को करना पूरी तरह वर्जित माना गया है.
Chaitra Navratri 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 3 प्रमुख शुभ योगों में होने वाली है. इन योगों में शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से ये तीनों योग शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माने जा रहे हैं.
Chaitra Purnima 2026: उत्तर भारत में हर साल चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और साथ ही हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ किया जाता है.
Kharmas 2026: खरमास जिसे मलमास भी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक जब राशियों के राजा यानी सूर्य, बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं. इस दौरान सूर्य तेज मंद हो जाता है.