बिहार में NDA के नेता व सीएम नीतीश कुमार हमेशा बीजेपी के लिए बड़े भाई की भूमिका में रहे हैं. नीतीश कुमार के नाम पर ही बीजेपी वहां चुनाव लड़ती आई है. लेकिन अंदरखाने से खबर है कि इस बार बीजेपी अपने 'बड़े भाई' को आराम करने की सलाह दे सकती है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल में बाढ़ राहत, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर काम करके अपनी पकड़ मजबूत की है. पिछले दिनों JDU ने 'अंबेडकर रथ' और 'अल्पसंख्यक विकास रथ' जैसे अभियानों के जरिए दलित और मुस्लिम वोटरों को साधने की कोशिश शुरू की थी.
बिहार के मुख्मंत्री की अजीबो गरीब हरकत की हर तरफ आलोचना हो रही है.पिछले कुछ दिनों से अपनी अजीब हरकतों के कारण नीतीश कुमार विवादों में हैं.
Bihar: गोपालगं में रैली से पहले शाह ने लालू-राबड़ी के कार्यकाल को जंगलराज कहते हुए शब्दों के बाण छोड़े. उन्होंने कहा- '15 साल बिहार में लालू और राबड़ी की सरकार रही, इनका ये कार्यकाल इतिहास के पन्नो में 'जंगलराज' के नाम से दर्ज हो गया है.
अमित शाह का बिहार दौरा एक और वजह भी खास है, और वह है नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को खत्म करना. 2022 में एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने 2024 में वापसी की थी, और उनके नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे थे.
अब, नीतीश कुमार की सरकार इस पैसे को वापस लाने की कोशिश कर रही है. सरकार का लक्ष्य साफ है. 950 करोड़ रुपये वसूलने के लिए एक बड़ी आर्थिक लड़ाई लड़ी जा रही है. इसके लिए सरकार ने सीबीआई और इंकम टैक्स से मदद ली है, ताकि यह रकम वापस लाई जा सके.
बिहार विधानसभा चुनाव में इस विवाद का सामाजिक और राजनीतिक असर देखना दिलचस्प होगा. जहां एक तरफ नीतीश कुमार की साख अल्पसंख्यक समुदाय में दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल, विशेषकर आरजेडी, इस मौके का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे. मुस्लिम वोट बैंक को लेकर इस बायकॉट का गहरा असर हो सकता है, खासकर चुनावी मौसम में जब हर वोट की कीमत बढ़ जाती है.
वैसे तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा अपने विकास और सुधार के कामों के लिए पहचाने जाते रहे हैं, लेकिन अब कुछ अलग ही अंदाज में चर्चा में हैं. हाल ही में उनकी कुछ ऐसी 'हरकतें' हुईं, जिनसे उनका व्यक्तित्व नया मोड़ लेता हुआ दिखा और अब उनका हर एक कदम मीडिया की सुर्खियों में है.
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Bihar: निशांत कुमार की एंट्री और JDU में उनके रोल को लेकर अब बड़ा सवाल उठ रहा है. निशांत पार्टी कब ज्वाइन करेंगे और किस पद पर उनकी नियुक्ति होगी इसे लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि नीतीश कुमार निशांत के लिए रानजीतिक मंच तैयार कर रहे हैं.