MP News: मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता को समृद्ध करने के उद्देश्य से असम से जंगली भैंसा लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है.
MP News: बीएल संतोष ने कहा कि बजट प्रचार अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानकर जनसंपर्क का मजबूत माध्यम बनाया जाए. गांव, वार्ड और मोहल्ला स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को बताया जाए कि बजट से किसान, युवा, महिलाएं, गरीब और मध्यम वर्ग को किस प्रकार लाभ होगा.
MP News: भोपाल में मतदाता सूची को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. वोट कटवाने के लिए किसी और के नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर आपत्तियां दर्ज कराई गईं. चुनाव आयोग के फॉर्म-7 के जरिए दर्ज इन आपत्तियों की संख्या भोपाल जिले में 9 हजार से ज्यादा बताई जा रही है
प्रशासनिक हलकों में यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से दबा हुआ था और अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही उस पर निर्णायक प्रहार हुआ है.
Jabalpur News: वे वाॅटर पोलो स्पोर्टस में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं. उनकी असीम आस्था मां नर्मदा के प्रति भी हमेशा से रही है. अमूमन पहले वे नर्मदा के तट पर घूमते थे और जो पत्थर उनका मन मोह लेता था वो उसे उठा लेते थे.
Bhopal News: PCC चीफ जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को लेकर भी बयान दिया गया. उन्होंने कहा कि मोहन सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पीछे छोड़ दिया है.
MP News: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा और अहम बदलाव करते हुए प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी को भंग कर दिया गया है. इसके साथ ही पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया.
Bhopal News: मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार तस्वीर सामने आ रही है, जहां संजीवनी क्लिनिक भगवान के भरोसे चल रही है. उससे पता चल रहा है कि ना ही क्लीनिक पर डॉक्टर हैं और ना ही नर्सिंग स्टाफ...केवल कंप्यूटर ऑपरेटर और हाउसकीपिंग के लोग मरीज का इलाज करते दिखाई दे रहे हैं.
MP News: इस मामले को लेकर मनोचिकित्सक डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी कहना हैं कि गेमिंग का डिजाइन रिवॉर्ड सिस्टम पर होता है. जिसकी वजह से बच्चे लत में आ जाते हैं. ऑनलाइन गेम्स लुभावने होते हैं.
Bhopal News: प्रदेश भाजपा का यह आजीवन सहयोग निधि अभियान 11 फरवरी से शुरू होकर करीब दो महीने तक चलेगा. अभियान को पूरी तरह टारगेट आधारित बनाया गया है. प्रदेश के प्रत्येक जिले को अलग-अलग राशि जुटाने का लक्ष्य दिया जाएगा, जिसे जिले के संगठनात्मक ढांचे, गतिविधियों और सालाना खर्च के अनुमान के आधार पर तय किया जाएगा.