मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में नक्सलवाद को लेकर कोई काम नहीं हुआ. दिग्विजय सिंह शासन में कोई पॉलिसी नहीं बनी थी. नक्सलियों के सफाये को लेकर कोई पॉलिसी नहीं थी. कांग्रेस के ही मंत्री की हत्या कर दी गई थी.
अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल 37 लाख 40 हजार रुपये से अधिक मूल्य की चोरी की संपत्ति जब्त कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा. इस दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी.
विधायक प्रदीप पटेल के पिछले लगभग 32 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने न आने और किसी भी आधिकारिक जानकारी के अभाव में क्षेत्र की जनता में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है. न तो विधायक की ओर से, और न ही प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सूचना जारी की गई है.
बताया जा रहा है कि मामले में साइडर फ्रॉड की आशंका है. सदाशिव यादव ने इसको लेकर साइबर पुलिस से भी शिकायत की है. जिसको लेकर पुलिस जांच कर रही है.
Jabalpur News: जबलपुर जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरु किया है. कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने पिछले तीन दिनों से मझौली, सिहोरा, पाटन और जबलपुर के आसपास के क्षेत्रों में सघन छापेमारी की है.
जानकारी के बाद पुलिस ने अनिकेत मात्रे, दयानंद मांझी, अक्षय मंडलीय और मिथुन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ उज्जैन और इंदौर में भी साइबर ठगी के मामले पहले से दर्ज हैं.
Jabalpur News: जानकारी के अनुसार, बाइक सवार युवक पीयूष अपनी बाइक से घर जा रहा था, तभी रसल चौक से तैयब अली की तरफ जा रही फॉर्च्यूनर कार के चालक ने उसे साइड से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही युवक सड़क पर गिर गया, लेकिन कार चालक रईस जादे ने कार रोक कर मदद करने की बजाय रफ्तार बढ़ा दी और वहां से भाग निकला.
सवाल यही है कि पीड़ित को डॉक्टरों द्वारा बताई गई तारीख को इंजेक्शन लगवाए गए. फिर बच्चे की मौत कैसे हो गई? अगर इंजेक्शन सही थे तो रेबीज कैसे हुआ?
मध्य प्रदेश में लगातार तीन दिन तक कांग्रेस की बैठकों का दौर चला. प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन हुआ. इन बैठकों में यह फैसला लिया गया कि संगठन को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी.