MP News: विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द हो गई है. अब इस सीट से रामनिवास रावत विधायक होंगे. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है.
MP News: याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय में कहा गया कि NRI अभ्यर्थी फर्स्ट राउंड, सेकेंड राउंड और मॉप अप तक एनआरआई कोटे में प्रवेश पाने के हकदार हैं. इसके बाद भी NRI सीटों को जनरल में बदला जा रहा है. कोर्ट में बताया गया कि इससे संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए.
MP News: कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार द्वारा जारी एग्रीगेटर गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है. केवल मोबाइल एप के जरिए रजिस्ट्रेशन या बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है.
MP High Court: भोपाल में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी की फांसी की सजा को बरकरार रखा है. आरोपी को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी.
MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. इस पर हाई कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है.
MP High Court On BRTS: इस मामले की सुनवाई प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ में हुई. कोर्ट ने अफसरों से सीधा सवाल किया कि पिछली सुनवाई 17 दिसंबर को हुई थी, इसके बावजूद अब तक BRTS की दूसरी लेन की रैलिंग और बस स्टॉप क्यों नहीं हटाए गए.
MP High Court On Chinese Manjha: चाइनीज मांझे पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने कहा कि बैन के बावजूद जानलेवा घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं. यदि नाबालिग चाइनीज मांझा के संबंध में पकड़े जाते हैं तो इसके जिम्मेदार अभिभावक होंगे.
मामला 25 दिसंबर 2025 को महाधिवक्ता कार्यालय में नियुक्त किए गए 157 लॉ ऑफिसर्स यानी शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति का है. जिसमें नियमों की अनदेखी करते हुए लॉ ऑफिसर्स की नियुक्ति करने के आरोप लगाए गए थे.
MP News: उच्च न्यायालय ने प्रोबेशन पीरियड के समय वेतन कटौती को अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है और नए कर्मचारियों को सैलरी की राशि लौटाने के लिए कहा है.
MP News: भर्ती में 100 प्रतिशत महिला आरक्षण के खिलाफ अनेक पात्र पुरुष उम्मीदवारों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया. याचिका में भर्ती प्रक्रिया को संविधान और प्रचलित नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसे चुनौती दी गई थी.