Delhi Liquor Scam: दिल्ली शराब घोटाला को लेकर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 22 जुलाई 2022 को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. जिसके बाद 30 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस लेने का फैसला किया. 17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया. जिसमें 23 आरोपी बनाए गए थे, लेकिन आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया.
Aam Aadmi Party: पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा जाने से स्पष्ट कर दिया है कि वह स्वयं राज्यसभा नहीं जाएंगे. केजरीवाल के इनकार के बाद सिसोदिया का नाम चर्चा में है.
कांग्रेस नेता अजय माकन ने शिकायत की कि दिल्ली सरकार के कुछ विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के नियम तोड़ रहे हैं. CCRGA ने जांच की और पाया कि दिल्ली सरकार ने 97.14 करोड़ रुपये ऐसे विज्ञापनों पर खर्च किए, जो AAP का प्रचार कर रहे थे.
इस चुनावी घमासान में कई चर्चित चेहरे हैं, जो अपनी शिक्षा और अनुभव के आधार पर चुनावी मैदान में हैं. तो, क्यों न हम एक नज़र डालें उन नेताओं की शिक्षा पर, जिन्होंने दिल्ली के इस चुनावी माहौल में अपनी धाक जमाई है.
दिल्ली के चुनावी इतिहास में भारतीय जनता पार्टी आज तक जंगपुरा की विधानसभा सीट पर अपना परचम नहीं लहरा पाई है. 1993, 1998, 2003 और 2008 के चुनावों में जहां कांग्रेस ने इस सीट पर झंडे गाड़े थे वहीं 2013, 2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी.
Delhi Election: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ शराब घोटाले के मामले में गृह मंत्रालय ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है. गृह मंत्रालय ने शराब घोटाले के मनी लांड्रिंग से संबंधित मामले में ED को केस चलाने की मंजूरी दी है.
पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पटपड़गंज से तीन बार विधायक चुने गए. उन्होंने 2013, 2015 और 2020 के चुनावों में यहां से जीत हासिल की थी.
Delhi Election: पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की सीट बदल दी गई है. इस बार पटपड़गंज की जगह उन्हें जंगपुरा से चुनावी मैदान में उतारा गया है. वहीं अवध ओझा को पटपड़गंज से टिकट दिया गया है.
Delhi: पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने दिल्ली को 90 के दशक की स्थिति में पहुंचा दिया है.
MCD स्टैंडिंग कमेटी चुनाव पिछले डेढ़ साल से विवादों में है. 26 सितंबर को होने वाला चुनाव मेयर शैली ओबेरॉय द्वारा पांच अक्टूबर तक टाल दिया गया था, जिसके बाद एलजी ने चुनाव को जल्द कराने का आदेश दिया. सिसोदिया ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद चुनाव को टाल दिया गया था.