मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी उत्पाद का जीआई टैग निरस्त नहीं किया गया है. लुवाई धान, टर्री भरी धान और सातिया धान को भी जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया जारी है.
साठ का दशक आते-आते कोल्हापुरी चप्पलें सिर्फ 'परंपरा' नहीं रहीं, बल्कि 'फैशन का नया सिंबल' बन गईं. युवा और शहर के लोग इन्हें पहनकर खुद को कूल महसूस करने लगे. बॉलीवुड फ़िल्मों में, मैगज़ीन के कवर पर, हर जगह इनकी धूम मच गई. ये ऐसी चप्पल बन गई जो ट्रेडिशनल कपड़ों के साथ भी जंचती थी और मॉडर्न लिबास के साथ भी.