Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हालिया पोस्ट को देखते हुए लगता है कि जल्द ही ईरान-इजरायल युद्ध सपाप्त होने जा रहा है.
ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है. वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे. अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है और उनके लिए खतरा बहुत कम है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं.'
Pakistan Missile: पाकिस्तान इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अपने बेडे़ में शामिल करने की तैयारी कर रहा है. जिसको लेकर अमेरिका ने चिंता जताते हुए चेतावनी जारी की है. तुलसी गबार्ड का मानना है कि पाकिस्तान अगर इन मिसाइलों को अपने बेडे़ में शामिल करता है, तो वह अमेरिकी का मौजूदा मिसाइल डिफेंस प्रणाली को चुनौती दे सकता है.
Middle East Conflict: अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर और टॉप अधिकारी समेत कई लोग मारे जा चुके हैं. इसके बावजूद भी कोई देश पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है.
Trump on Russian Oil: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. जिसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा हो गया. इसी बीच ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी.
Oil Refinery in US: ट्रंप ने कहा कि 50 सालों में अमेरिका की पहली रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउनस्विले में खुलने जा रही है. यह अमेरिका की सबसे बड़ी डील है, जो 300 अरब डॉलर की है.
Share Market: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक बयान की वजह से शेयर बाजार में जारी गिरावट रुक गई.
Who is Asif Raza: पाकिस्तानी युवक आसिफ रजा मर्चेंट ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए ट्रंप को मारने की योजना बनाई थी. कोर्ट ने आसिफ रजा को दोषी पाया है. आसिफ को आजीवन कारावास होने की संभावना है.
Operation Epic Fury: ईरान पर की गई इजरायल और यूएस की संयुक्त कार्रवाई को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) नाम दिया गया है. इसकी जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने की है. इस सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे से स्टोरी सामने आ रही है, वो चौंकाने वाली है.
US-Iran-Israel War: व्हाट्स हाउस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 फरवरी 2026 को ईरान में हुई इस सैन्य कार्रवाई की निगरानी खुद की. ट्रंप ने कहा है कि उनका उद्देश्य अमेरिका के लोगों की सुरक्षा करना है और ईरानी शासन के वजह से पैदा हो रहे खतरों को तत्काल खत्म करना है.