Digital Arrest Scam: गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर विंग इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है. दरअसल, साइबर ठग पकड़े जाने के डर से बार-बार नए अकाउंट और नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है.
ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और एटीएस अधिकारी बताकर एमएलसी को डिजिटल अरेस्ट किया. लेकिन गनीमत ये रही कि एमएलसी ने सूझबूझ दिखाया और किसी भी तरह की कोई रकम ट्रांसफर नहीं की.
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेतन आयोग या अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें. सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्राप्त किसी भी फाइल को संदिग्ध मानें.
मुख्यमंत्री के अनुसार 2020 से 2026 के बीच 3,250 मध्यप्रदेश के मूल निवासी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा अन्य राज्यों के 1,153 आरोपी और विदेशों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
Bhopal News: इन दिनों प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. भोपाल में बीते महज 30 घंटों में करोड़ों की ठगी की घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक लोग अलग-अलग तरीके से साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं.
8th pay commission को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं. इसी का फायदा उठाकर अपराधी कर्मचारियों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. इसी बीच 4C की तरफ से सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी जारी की गई है.
जांच एजेंसियों के अनुसार साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक और QR कोड के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे. ठगी की रकम पहले कुछ खातों में डाली जाती और फिर तेजी से अलग-अलग खातों में घुमाई जाती थी.
MP News: सरकारी आंकड़ों और पुलिस रिकॉर्ड्स की मानें तो प्रदेश में लगभग हर दसवां व्यक्ति किसी न किसी रूप में साइबर ठगी का शिकार हो चुका है. ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल, लिंक के जरिए ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और फर्जी निवेश योजनाएं आम होती जा रही हैं.
149 Million Data Leak: फाउलर के अनुसार, पासवर्ड लीक होने से सबसे ज्यादा असर ईमेल पर पड़ा है, जिसमें 4.8 करोड़, जीमेल, 40 लाख याहू और 15 लाख आउटलुक अकाउंट्स का डेटा लीक हुआ है. वहीं सोशल प्लेटफॉर्म्स में 1.7 करोड़ फेसबुक, 65 लाख इंस्टाग्राम और करीब 7.8 लाख टिकटॉक यूजर्स के लॉगइन क्रेडेंशियल लीक हुए हैं.
वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 4 हजार 800 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई. साइबर अपराधों में अक्सर देखा जाता है कि अपराध दूसरे राज्यों से संचालित किए जाते हैं.