Chaitra Navratri 2026: मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तप, संयम और आत्मबल की प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से उनकी पूजा करने पर भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.
Chaturgrahi Yog 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस समय मीन राशि में चंद्रमा, शनि, सूर्य और शुक्र ये चार बड़े ग्रह एक साथ मौजूद हैं. ज्योतिष में जब चार ग्रह एक ही राशि में मिलते हैं, तो इसे 'चतुर्ग्रही योग' कहते हैं, जिसका खास असर 20 मार्च तक रहेगा.
Chaitra Navratri 2026: नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित होता है, जिसमें पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.
Falahari Recipes For Navratri: चैत्र नवरात्रि में ज्यादातर भक्त व्रत रखते हैं और पूरे नौ दिनों तक भोजन नहीं करते हैं. इस दौरान वे सिर्फ पानी और फलाहार का सेवन करते हैं. बिना भोजन किए नौ दिनों तक उपवास रखने से शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे बाद में परेशानी भी हो सकती है.
Chaitra Navratri: मां दंतेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ के देवी बम्लेश्वरी मंदिर, रायपुर के महामाया मंदिर समेत राज्य के 10 बड़े देवी मंदिरों में इस पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं. श्रद्धालुओं के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं.
Chaitra Navratri 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र अमावस्या 18 मार्च की सुबह शुरू होकर 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी. इसके तुरंत बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी. समय के इसी बदलाव की वजह से अमावस्या के धार्मिक काम और नवरात्रि की शुरुआत दोनों एक ही दिन यानी 19 मार्च को पड़ रहे हैं.
Chaitra Navratri 2026: 9 दिनों में भक्त मां दुर्गा की पूजा-पाठ करते हैं साथ ही व्रत भी रखते हैं. इन दिनों में मां दुर्गा की पूजा करने वाले सभी भक्तों पर मां दुर्गा का आर्शीवाद बना रहा है.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान घर के मुख्य दरवाजे पर ताजे आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, तोरण लगाने से घर शुद्ध होता है और माता रानी का वास होता है. इससे परिवार में आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और एक-दूसरे के प्रति लगाव बढ़ता है.
Chaitra Navratri 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस साल मां दूर्गा चैत्र नवरात्र में डोली में सवार हाेकर अपने भक्तों के बीच आ रही हैं.
Chaitra Navratri 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 3 प्रमुख शुभ योगों में होने वाली है. इन योगों में शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से ये तीनों योग शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माने जा रहे हैं.