शासकीय अधिवक्ता ने चमड़ा के वकील की दलील का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है. इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हरगिज जमानत नहीं देनी चाहिए. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी.