एयरलाइंस इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि ईंधन एयरलाइंस का दूसरा सबसे बड़ा खर्च होता है. अगर हालात नहीं सुधरे और जंग इसी तरह से जारी रही तो जेट फ्यूल की बढ़ी कीमतों के कारण एयरलाइंस कंपनियों को घाटा हो सकता है. ऐसी स्थिति मे कई कमजोर एयरलाइंस के बंद होने का भी खतरा है.