पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने पर आग बबूला हुए सुनील गावस्कर, बोले- यह भारतीयों के खून का पैसा…
सुनील गावस्कर
Sunil Gavaskar: इंग्लैंड की मशहूर टी20 लीग द हंड्रेड ऑक्शन के दौरान काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 2.3 करोड़ रुपये में खरीदा था. जिसके बाद उन्हें लगातार कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच भारतीय पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आइए जानते हैं गावस्कर ने क्या कहा…
सुनील गावस्कर ने क्या कहा?
द हंड्रेड ऑक्शन में अबरार अहमद को खरीदने के बाद सनराइजर्स लीड्स और काव्या मारन आलोचकों के निशाने पर है. इन सब के बीच भारतीय पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का कहना है कि दोनों देशों के बीच हालातों को देखते हुए काव्या मारन को जिस तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, वह बिल्कुल भी हैरान करने वाला नहीं है.
याद दिलाया इतिहास
गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम पर तनावपूर्ण इतिहास को याद दिलाते हुए लिखा कि 2008 मुंबई हमलों के बाद आईपीएल से पाकिस्तानी क्रिकेटरों को बैन कर दिया गया था. इसके 11 साल बाद 2019 में पुलवामा और 2025 में पहलगाम हमले ने याद दिलाया कि भारतीय क्रिकेट ने पाकिस्तान से दूरी क्यों बनाई रखी.
🚨SUNIL GAVASKAR SLAMS KAVYA MARAN🚨
— Cricket Central (@CricketCentrl) March 16, 2026
Sunil Gavaskar said 🗣️
“The furore created by the acquisition of a Pakistani player by the Indian owner of a franchise in The Hundred is hardly surprising. Ever since the Mumbai attacks in November 2008, Indian franchise owners have simply… pic.twitter.com/4jDMMhRhTF
भारतीयों के खून का पैसा
आगे गावस्कर ने पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए कहा कि अगर किसी भारतीय मालिक की टीम किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी पर पैसा लगाती है, तो वह पैसा टैक्स के रूप में पाकिस्तान सरकार तक पहुंचता है, जिसका उपयोग हथियार खरीदने में हो सकता है. गावस्कर का साफ कहना है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दी गई मैच फीस अप्रत्यक्ष रूप से भारतीयों की मौत का कारण बनती है.
अपने कॉलम में गावस्कर आगे लिखते है कि सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विटोरी भले ही इस संवेदनशील को न समझें, लेकिन भारतीय मालिकों को हालात को ध्यान में रखते हुए स्तिथि को समझना चाहिए था. उन्होंने आगे लिखा कि, अगर भारतीय मालिक है, तो वो अप्रत्यक्ष रूप से एक ऐसे सिस्टम को पैसा दे रहा है जो भारतीय सैनकों और नागरिकों के मौत का कारण बन सकता है.