‘मेरे बेटे को लोगों ने डिस्टर्ब किया, काफी परेशान किया’, वर्ल्ड कप जीतने के बाद Sanju Samson के पिता ने ऐसा क्यों कहा?
संजू सैमसन
Sanju Samson: टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारतीय टीम ने 96 रनों से न्यूजीलैंड को मात देकर ये खिताफ अपने नाम कर लिया है. इस जीत के साथ ही भारत पहली वो टीम बन गई हैं जिसने तीन बार टी 20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता साथ ही वो टीम भी जिसने पहली बार घर पर ये उपलब्धि हासिल की. इस मैच में ऑपनर बल्लेबाज संजू सैमसन के बल्ले से 89 रनों की पारी आई जिसकी बदौलत टीम ने 255 रनों का विशाल टारगेट न्यूजीलैंड के सामने सेट कर दिया था. बाद में जब भारत मैच जीत गया तो संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.
संजू सैमसन के पिता ने कहा-
भारत के तीसरी बार खिताब जीतने पर संजू के पिता सैमसन विश्वनाथ ने बेटे के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए बताया कि करियर के शुरुआती दौर में संजू को डिस्टर्ब किया गया था. संजू सैमसन के पिता ने कहा है कि मैं अपने बेटे के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं. मेरे बेटे को लोगों ने डिस्टर्ब किया. उन्हें काफी परेशान किया. उम्मीद है कि कुछ दिनों के लिए अब ऐसा नहीं होगा.” संजू सैमसन के पिता दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, जो खुद एक फुटबॉल खिलाड़ी रहे.
पहले दिल्ली से ली क्रिकेट की ट्रेनिंग
बता दें कि संजू सैमसन ने क्रिकेट की ट्रेनिंग दिल्ली से ली और यहीं पर पढ़ाई भी की. लेकिन जब शानदार प्रदर्शन के बाद भी बेटे का अंडर-13 टीम में चयन नहीं हुआ तो फिर उनके पिता ने वीआरएस ले लिया. इसके बाद वह केरल चले गए और फिर संजू ने आगे की ट्रेनिंग वही से ली और जूनियर स्तर पर शानदार खेल दिखाया. सैमसन विश्वनाथ ने बताया,”18 साल की उम्र में मुझे दिल्ली पुलिस में नौकरी मिल गई थी. मैं 19 की उम्र से दिल्ली पुलिस की फुटबॉल टीम का हिस्सा रहा और 42 की उम्र तक वहीं रहा. मेरे बच्चे बचपन में दिल्ली में ही पले. संजू सैमसन ने एक ही टूर में 500 रन बनाए, लेकिन टीम में जगह नहीं मिल सकी.”
इस वजह से नहीं हो पाया था चयन
इसके आगे संजू सैमसन के पिता सैमसन विश्वनाथ कहते है कि “ये कहा गया कि संजू 10 साल के हैं. ये टूर्नामेंट 13 साल के बच्चों के लिए है. अगर ऐसा ही था, तो मेसी 17 साल की उम्र में, सचिन तेंदुलकर 15 साल की उम्र में टीम में थे. आप कम उम्र की वजह से संजू को टीम में शामिल नहीं कर रहे थे. अगर ऐसा ही शानदार प्रदर्शन अगले साल नहीं होता, तो क्या उन्हें टीम में मौका दिया जाएगा?”
जब अच्छा प्रदर्शन किया, तो इनाम मिलना चाहिए-सैमसन विश्वनाथ
संजू के पिता जी कहते है कि जब बच्चे ने अच्छा प्रदर्शन किया, तो उसे उसका इनाम मिलना चाहिए. जब अंडर-13 में संजू को दिल्ली स्टेट टीम में नहीं चुना गया, तो मैंने वापस केरल लौटने का फैसला लिया. हालांकि, मेरी पत्नी ने इसे लेकर सवाल किए, लेकिन मैंने कहा कि संजू 10 साल की उम्र में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे हैं, वैसा 17 साल की उम्र में नहीं खेल सकेंगे. वो आम बच्चों जैसे ही हो जाएंगे.
पूरा केरल उसका दीवाना हो जाएगा-सैमसन विश्वनाथ
सैमसन विश्वनाथ ने कहा,”मुझे यकीन था कि अगर केरल जाकर हमारे बेटे ने शानदार प्रदर्शन किया, तो पूरा केरल उसका दीवाना हो जाएगा. मैंने नौकरी छोड़ दी. मैंने कुछ लोगों को संजू से माफी मांगते हुए देखा है. मैं सभी खराब चीजों को भूल गया हूं. मेरे लिए अब सब कुछ अच्छा है.”
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