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Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या पर तीनों शंकराचार्यों ने किया अमृत स्नान, संगम तट पर साधुओं के शाही स्नान की तस्वीरें आईं सामने

महाकुंभ भगदड़ में मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख की आर्थिक मदद, सीएम योगी ने हादसे की न्यायिक जांच के दिए आदेश

Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में भगदड़ मचने से करीब 10 घंटे बाद तीनों शंकराचार्यों, साधु-संतों और नागा बाबाओं ने अमृत स्नान किया.
Geeta Bhakti Amrit Mahotsav, CM Yogi

सीएम योगी आदित्यनाथ (फोटो- सोशल मीडिया)

Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या के मौके पर कुंभ में स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे. इस मौके पर अमृत स्नान के लिए अखाड़ों के साधु-संतों को भी पहुंचना था. इस स्नान से पहले ही मंगलवार देर रात करीब 1.30 बजे बैरिकेड टूटने से संगम तट क्षेत्र पर भगदड़ मच गई. इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हुए. भगदड़ के बाद अखाड़ा परिषद और संतों ने अमृत स्नान करने से इनकार कर दिया था. बाद में हालात सामान्य होने के बाद शंकराचार्य और अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान में शामिल हुए.

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. 3 सदस्यीय कमेटी हादसे की जांच करेगी. सीएम योगी ने हादसे में जान गंवाने वाले 30 लोगों के परिजनों के प्रति संवदेना व्यक्त की. उन्होंने प्रदेश सरकार की तरफ से पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा भी की.

महाकुंभ में भगदड़

मौनी अमावस्या के मौके पर संगम के तट पर स्न्नान से पहले मंगलवार रात करीब 1.30 बजे संगम तट पर सेक्टर 4 में भगदड़ मच गई. इस हादसे में कई लोग घायल हो गए.

शंकाराचार्यों ने एक साथ लगाई डुबकी

हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा

संगम तट पर स्नान करने जा रहे साधु-संतों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.

पहले नागा साधुओं ने रद्द कर दिया था अमृत स्नान

भगदड़ के बाद संगम में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पहले अखाड़ों का स्नान सुबह 5 बजे से शुरू होना था, लेकिन भगदड़ के कारण इसे रद्द करने की घोषणा की गई. बाद में जब हालात सामान्य हुए तो अखाड़ों ने स्नान का ऐलान कर दिया. करीब 10 घंटे बाद तट पर साधु-संतों ने अमृत स्नान किया.

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सनातन धर्म में मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का बहुत महत्व है. अब मौनी अमावस्या के बाद 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मौके पर अगला अमृत स्नान होगा. इस मौके पर फिर सभी अखाड़ों के साधु-संत संगम तट पर स्नान के लिए पहुंचेंगे.

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