MP News: मऊगंज में उपार्जन केंद्रों पर 4741 क्विंटल धान की कमी, 1.18 करोड़ की वसूली का नोटिस
सांकेतिक तस्वीर.
Input: लवकेश सिंह
MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में धान उपार्जन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच में अलग-अलग उपार्जन केंद्रों पर कुल 4741 क्विंटल धान की कमी पाई गई है. कागजों में धान की पूरी खरीदी दर्शाई गई, लेकिन गोदामों में वास्तविक भंडारण कम निकला. पूरे मामले का आर्थिक आकलन करने पर यह गड़बड़ी लगभग 1 करोड़ 18 लाख 87 हजार 681 रुपये तक पहुंच गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है.
कलेक्टर ने थमाया नोटिस
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने आठ सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों और संबंधित उपार्जन प्रभारियों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर वसूली राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इन समितियों में मिली धान की कमी, दर्ज होगी FIR
- सेवा सहकारी समिति पटपरा क्रमांक-1 – रमाकांत द्विवेदी एवं उपार्जन प्रभारी रामकृष्ण दुबे 833.29 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹20,83,222
- सेवा सहकारी समिति हटवा – राजबहोर मिश्र 391.87 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹9,79,675
- सेवा सहकारी समिति हर्दी क्रमांक-2 – अनिरुद्ध कुमार शुक्ला 469.53 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹11,83,823
- सेवा सहकारी समिति मनुहाई – दिनेश तिवारी 744.39 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹18,60,966
5.सेवा सहकारी समिति पटहरा – रामसागर पटेल 548.73 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹13,71,814
- सेवा सहकारी समिति बिछरहटा – हनुमान प्रसाद शुक्ला 816.76 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹20,41,901
- सेवा सहकारी समिति पहाड़ी – अनुसुईया प्रसाद पांडेय 447.96 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹11,19,909
- सेवा सहकारी समिति नईगढ़ी – दिनेश मिश्रा 498.55 क्विंटल शॉर्टेज, वसूली ₹12,46,382
कलेक्टर के 07 दिनों के अंदर धनराशि जमा करने के निर्देश
कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि यह राशि एपी एससीएससी के खाते में चालान के माध्यम से सात दिन के भीतर जमा की जाए. उन्होंने उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध शासकीय धान के संरक्षण और प्रबंधन में गंभीर लापरवाही, अनियमितता और गबन की स्थिति बनने पर संबंधित समिति प्रबंधकों और उपार्जन प्रभारियों को जिम्मेदार ठहराया है. प्रशासन का कहना है कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सात दिनों के भीतर वसूली की राशि जमा होती है या फिर मामला एफआईआर और कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है.
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