MP News: एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर सख्ती, 1025 जगह छापे पड़े, 1357 सिलेंडर जब्त
सांकेतिक तस्वीर.
MP News: मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सरकार ने सख्ती तेज कर दी है. राज्यभर में की गई कार्रवाई के दौरान 1025 स्थानों पर जांच कर 1357 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि 8 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है.
राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति गठित
घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गई है, जो पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर ऑयल कंपनियों से समन्वय करेगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने एजेंसियों के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
डिजिटल माध्यम से करें गैस बुकिंग
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग नहीं करने की अपील की है. मंत्रालय ने सलाह दी है कि एजेंसी पर जाकर बुकिंग करने के बजाय मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप और आईवीआरएस कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से गैस बुकिंग करें. मंत्रालय के अनुसार देश में घरेलू गैस उत्पादन में 31 प्रतिशत वृद्धि हुई है. साथ ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से एलपीजी के दो जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं, जो 16–17 मार्च तक कांडला और मुंद्रा पोर्ट पहुंच जाएंगे.
कलेक्टर्स को दिए सख्त निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं की शिकायतों की नियमित समीक्षा करें. यदि कहीं वितरण में अनियमितता या देरी की शिकायत मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए. प्रशासन को अफवाहों और गलत सूचनाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने और मीडिया के माध्यम से सही जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
ऑयल कंपनियों के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव के अनुसार प्रदेश में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. राज्य के 11 बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के गोदामों में पर्याप्त सिलेंडर मौजूद हैं. उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पिछले रिफिल के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग कराएं.
ये भी पढे़ं: ‘MP में वनाधिकार पट्टों की रजिस्ट्री करवाई जाएगी, खर्च भी सरकार उठाएगी,’ CM मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान