Gwalior News: एडवोकेट मृत्युंजय चौहान की सुसाइड का मामला, आरोपी सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन की गिरफ्तारी पर SC की रोक

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही पुलिस की जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है. 15 दिसंबर को फांसी लगाकर मृत्युंजय ने सुसाइड किया था.
symbolic picture

सांकेतिक तस्वीर

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एडवोकेट मृत्यंजय चौहान की सुसाइड के मामले में आरोपी सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन को बड़ी राहत मिली है. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही पुलिस की जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है. 15 दिसंबर को फांसी लगाकर मृत्युंजय ने सुसाइड किया था. मृत्युंजय और प्रीति जादौन की लव मैरिज होने वाली थी. लेकिन आरोप है कि लव ट्रायंगल के कारण वकील ने आत्महत्या कर ली है.

लव मैरिज से पहले हुई थी आराफात की एंट्री

पूरा मामला गोला का मंदिर थाना इलाके का है. यहां 15 दिसंबर को फांसी लगाकर मृत्युंजय ने सुसाइड कर लिया था. वकील मृत्युंजय चौहान और एसआई प्रीति जादौन की लव मैरिज होने वाली थी. लेकिन बताया जा रहा है कि इस दौरान आरक्षक आराफात खान की एंट्री हुई थी. आराफात के कारण मृत्युंजय परेशान था. जिसके कारण मृत्युंजय ने सुसाइड कर लिया.

30 दिसंबर को करने वाले थे शादी

ग्वालियर के वकील मृत्युंजय चौहान ने 15 दिसंबर को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था. मृत्युंजय चौहान और एसआई प्रीति जौदान की 30 दिसंबर को शादी होने वाली थी. बताया जा रहा है कि मृत्युंजय चौहान ने एसआई को आरक्षक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था. जिसके बाद मृत्युंजय चौहान को सदमा लगा था और आराफात खान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद पुलिस ने एसआई प्रीति जौदान और आराफात के खिलाफ केस दर्ज किया था. लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने एसआई प्रीति जौदान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.

ये भी पढे़ं: CM मोहन यादव के आदेश पर खेती को लाभ का धंधा बनाने पर जुटे 5 विभाग, मंत्री-अफसरों ने बनाई रणनीति

ज़रूर पढ़ें