MP News: LPG संकट के बीच सिलेंडर छोड़ इंडक्शन पर शिफ्ट हुआ Sagar Gaire, रेस्टोरेंट संचालक बोले- यह पूरे देश की समस्या
LPG संकट के बीच Sagar Gaire रेस्टोरेंट इंडक्शन पर शिफ्ट हो गया है.
MP News: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर भारत पर भी पड़ रहा है. एलपीजी शॉर्टेज के कारण सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की मशहूर रेस्टोरेंट फूड चेन सागर गैरे(Sagar Gaire) को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सिलेंडर संकट के बीच सागर गैरे ने भी अब गैस चूल्हा छोड़कर इंडक्शन कुकटॉप पर खाना बनाना शुरू कर दिया है.
MP में चलते हैं 27 आउटलेट
सागर गैरे के राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में 27 आउटलेट हैं. हालांकि सबसे ज्यादा आउटलेट भोपाल में ही हैं. रेस्टोरेंट प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी आउटलेट पर निर्देश दे दिया गया है कि खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकटॉप की व्यवस्था पर आ जाएं. धीरे-धीरे इस पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे कि भविष्य में सिलेंडर की और ज्यादा कमी होने पर रेस्टोरेंट पर ज्यादा फर्क ना पड़े.
#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: Inductions are being used at Sagar Gaire Fast Food, instead of the traditional cooking methods, amid the reports of a commercial LPG cylinder shortage. pic.twitter.com/X3UoCZAWNo
— ANI (@ANI) March 12, 2026
’60 परसेंट कुकिंग इंडक्शन पर शिफ्ट हो चुकी है’
सागर गैरे रेस्टोरेंट चेन के मालिक डोलराज गैरे ने बताया, ‘ये समस्या केवल हमारी तो है नहीं, पूरे भारत की समस्या है. 60 प्रतिशत तो हम इंडक्शन पर शिफ्ट कर चुके हैं. बाकी 10-20 परसेंट भी 2-4 दिन में और व्यवस्था बन जाएगी. सिर्फ इंडक्शन मिलने का इंतजार है. आगे अगर बिजली की समस्या नहीं हुई तो हम किसी को भूखा नहीं जाने देंगे. सभी आइटम ना सही, लेकिन 80 परसेंट आइटम तो चालू रहेगा.’
#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: Dolraj Gaire, owner of Sagar Gaire Fast Food, says, "… We are trying to make it work in induction. We have already done 60% of our work in induction, and the remaining 10-20% will be solved in a couple of days once we get induction… Our entire… https://t.co/GlIbNnkClT pic.twitter.com/AL8T6sdRTe
— ANI (@ANI) March 12, 2026
‘गैस की तुलना में इंडक्शन में थोड़ा टाइम ज्यादा लगेगा’
डोलराज गैरे ने आगे कहा, ‘गैस से खाना बनाने में थोड़ा जल्दी हो जाती थी, लेकिन इंडक्शन से थोड़ा टाइम लगेगा. हालांकि सारे बर्तन बदलने पड़ेंगे. लेकिन हम लॉस-प्रॉफिट का नहीं सोच रहे हैं. हमारी कोशिश रहेगी कि कोई भी रेस्टोरेंट से भूखा ना जाए. हमारे 27 से ज्यादा आउटलेट हैं. लेकिन हमारी कोशिश है कि सभी जगह पर इंडक्शन की व्यवस्था हो जाए. अगर आगे सिलेंडर की व्यवस्था सही से नहीं हो पाती है तो हम इंडक्शन पर ही स्विच करेंगे. जब गैस और पेट्रोल बाहर से आ रहे हैं, तो भारत का पैसे देश में ही रहेगा.’
बता दें कि एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी के कारण रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई रेस्टोरेंट तो बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं. हालांकि कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सिलेंडर के बजाय इंडक्शन पर शिफ्ट होने का फैसला किया है.