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Bhopal News: कृष्ण-कन्हैया का MP कनेक्शन, जहां-जहां श्रीकृष्णचरण पड़े वहां बनेंगे भव्य तीर्थ स्थल

मोहन यादव

मोहन यादव

Bhopal News: मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को भव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जा रहा है. मध्यप्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट की इंटरनेशनल ब्रांडिंग करने गोहाटी से केरल-कर्नाटक तक देश के सभी राज्यों से विशेष यात्रा निकालने का निर्णय लिया है.

कृष्ण-कन्हैया का मप्र कनेक्शन और जहां-जहां उनके चरण पड़े वहां भव्य तीर्थ स्थल विकसित होंगे. आगामी वर्षों में सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा, जानापाव, अमझेरा, जामगढ़ की गुफा सहित भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया किया जाएगा.

228 श्रीकृष्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार

द्वापर युग में श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रहे मुनि सांदीपनि आश्रम और उज्जैन की पहचान ज्ञान-विज्ञान और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र की थी. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित की गई है. युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं का ब्यौरा उपलब्ध कराया जाएगा. उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु देश भर के 228 श्रीकृष्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार का चरणबद्ध प्लान भी बनाया गया है. सरकार ने तात्कालिक रूप से 12 करोड़ रु. बजट प्रावधान किया है.

55 जिलों की 3000 विद्वान देंगे सुझाव

‘श्रीकृष्ण पाथेय न्यास’ द्वारा इस मेगा प्रोजेक्ट की रूपरेखा पर काम शुरू किया गया है. प्रदेश के सभी 55 जिलों में राज्य द्वारा संधारित 3 हजार विद्वानों से सुझाव भी मांगे गए हैं। प्रोजेक्ट के तहत मंदिरों के प्रबंधन, सांदीपनि गुरुकुल स्थापना, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास करेंगे. गैलरी, पुस्तकालय एवं संग्रहालय भी बनेंगे.

64 दिन में संपूर्ण शिक्षा

उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा के साथ शिक्षा ग्रहण करने आए थे. श्रीकृष्ण ने 64 दिन में ही गुरु से सम्पूर्ण शास्त्रों की शिक्षा ग्रहण कर ली थी. वह 18 दिन में 18 पुराण, 4 दिन में 4 वेद, 6 दिन में 6 शास्त्र और 16 दिन में 16 कलाओं में पारंगत हो गए थे.

इन राज्यों से निकलेगी यात्रा

गोहाटी (असम), मणिपुर, कोलकाता (प. बंगाल), बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और केरल आदि.

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