फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन और आईरिस स्कैन से हुआ अभ्यर्थियों का सत्यापन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तकनीक का सहारा, डीजीपी स्तर पर हुई समीक्षा
प्रतीकात्मक तस्वीर
MP Police: पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में पूर्व में सामने आई गड़बड़ियों के बाद वर्ष 2025 की भर्ती प्रक्रिया में इस बार सख्ती और पारदर्शिता बढ़ाई गई है. अभ्यर्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन और आईरिस टेस्ट के जरिए सत्यापन किया गया. इसके साथ ही मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों के आधार पर भी जांच की गई.
डीजीपी स्तर पर समीक्षा
भर्ती प्रक्रिया के फिजिकल एग्जाम के बाद डीजीपी स्तर पर इसकी समीक्षा की गई. समीक्षा बैठक में विभिन्न रेंज के डीआईजी अधिकारियों ने भाग लिया और फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया. अधिकारियों ने भर्ती के अलग-अलग चरणों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की. समीक्षा के दौरान दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की समस्याओं, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में होने वाली दिक्कतों और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया.
इस बार भर्ती प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित डेटा मैनेजमेंट और ऑनलाइन अपलोड सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे अभ्यर्थियों के दस्तावेज और परिणाम का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके. साथ ही तकनीकी बाधा की स्थिति से निपटने के लिए मैन्युअल बैकअप सिस्टम भी समानांतर रूप से रखा गया है.
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गौरतलब है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कुछ मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनको लेकर आगे की रणनीति भी तैयार की जा रही है.