MP News: पुलिस पेट्रोल पंपों में 12 हजार लीटर पेट्रोल का गबन का मामला, पीएचक्यू ऑडिट में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, अब एसपी चेक करेंगे टैंक
MP पुलिस मुख्यालय
MP News: मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल स्टॉक को लेकर गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय सख्त हो गया है. हाल ही में कराए गए ऑडिट में करीब 12 हजार लीटर पेट्रोल की कमी पाए जाने के बाद मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को तत्काल भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी इकाइयों को 24 फरवरी तक पेट्रोल पंपों का फिजिकल डिप नापकर सत्यापन करना होगा और इसकी फोटो समेत रिपोर्ट भेजनी होगी.
मुख्यालय के आदेश में क्या बताया गया है?
इसके साथ ही कंपनी द्वारा निर्धारित प्रारूप में डेली स्टॉक रजिस्टर की छायाप्रति व्हाट्सएप के वेलफेयर एवं अकाउंट ग्रुप में अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है. मुख्यालय के आदेश में बताया गया है कि हाल ही में एक पुलिस पेट्रोल पंप में ऑडिट टीम ने जांच की, जिसमें लगभग 12 हजार लीटर पेट्रोल की कमी सामने आई. हैरानी की बात यह रही कि संबंधित इकाई के प्रभारी ने इस कमी की जानकारी मुख्यालय को नहीं भेजी थी.
पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा है कि पहले भी इकाई प्रमुख और नोडल अधिकारियों को हर तीन महीने में पेट्रोल पंप का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद कई स्थानों पर इन आदेशों का पालन नहीं किया गया.
SP स्तर तक तय होगी जिम्मेदारी
- मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जहां भी इस प्रकार की गड़बड़ी या कमी सामने आएगी, वहां संबंधित पुलिस अधीक्षक या सेनानी स्तर तक जिम्मेदारी तय की जाएगी.
- आदेश में कहा गया है कि यदि किसी इकाई में पेट्रोल स्टॉक में कमी पाई जाती है तो यह माना जाएगा कि मुख्यालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया.
- इसी कारण अब सभी जिलों और बटालियनों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोल पंप का फिजिकल डिप नापकर वास्तविक स्टॉक की जांच की जाए और इसकी फोटो सहित रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता न हो.
नियमित निगरानी की नई व्यवस्था
मुख्यालय ने निगरानी को मजबूत बनाने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की है. इसके तहत हर इकाई को पेट्रोल पंप का दैनिक स्टॉक रजिस्टर की प्रति व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड करनी होगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति पारदर्शी बनी रहे. अधिकारियों का मानना है कि इससे अनियमितताओं पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी.
अवकाश पर अधिकारियों के लिए भी निर्देश
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी इकाई में पुलिस अधीक्षक या सेनानी अवकाश पर हैं, तो वापसी के बाद दो दिनों के भीतर पेट्रोल पंप का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगा. पुलिस मुख्यालय के इस आदेश के बाद अब सभी जिलों और पुलिस बटालियनों में पेट्रोल पंपों के स्टॉक की जांच तेज होने की संभावना है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि कहीं भी बड़ी गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.