MP News: मध्य प्रदेश में संपन्न हुई पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने साफ संकेत दिए हैं कि अब भर्ती सिर्फ प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास की कसौटी है. उप पुलिस महानिरीक्षकों के साथ हुई समीक्षा बैठक में डीजीपी ने दो टूक कहा कि भर्ती में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा.
‘युवा सपनों और उम्मीदों के साथ भर्ती प्रक्रिया में शामिल होते हैं’
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी भर्तियों में तकनीक और सख्त निगरानी के जरिए हर अभ्यर्थी को समान अवसर मिले. उन्होंने कहा कि युवा अपने सपनों और उम्मीदों के साथ भर्ती प्रक्रिया में शामिल होते हैं, ऐसे में उनकी मेहनत और विश्वास की रक्षा करना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. बैठक में जमीनी स्तर की चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा हुई. खासतौर पर दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों की समस्याएं, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में दिक्कतें और सुविधाओं की कमी को लेकर गंभीर मंथन किया गया. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अगली भर्ती में इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस सुधार लागू किए जाएंगे.
‘परिणामों को समय पर जारी कर पारदर्शिता का संदेश दिया’
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन, आईरिस स्कैन, मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन जैसे कड़े उपाय अपनाए गए. साथ ही डिजिटल सिस्टम के जरिए हर चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. शारीरिक दक्षता परीक्षण दौड़, शॉट पुट और लॉन्ग जंप भी तय मानकों के अनुसार कराए गए और पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई. परिणामों को समय पर जारी कर पारदर्शिता का संदेश दिया गया.
डीजीपी ने यह भी कहा कि भर्ती से जुड़े कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें विभाग पूरी मजबूती से अपना पक्ष रख रहा है. बैठक के अंत में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया कि आने वाली भर्ती में और ज्यादा सख्ती, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी.
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