प्रॉपर्टी कार्ड वितरण में MP अव्वल, गुजरात-महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा, 54 लाख से ज्यादा लोगों को मिला संपत्ति का अधिकार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(File Photo)
MP News: ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए चल रही स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश ने प्रॉपर्टी कार्ड वितरण के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में अग्रणी स्थान बना लिया है.
43 लाख 14 हजार गांवों में ड्रोन से सर्वे
राज्य में अब तक 43 लाख 14 हजार गांवों में ड्रोन के माध्यम से सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है. इस सर्वे के आधार पर 54 लाख 18 हजार से अधिक ग्रामीणों को उनके मकान और जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र यानी प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किया गया है. यह योजना ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. स्वामित्व योजना के तहत पहली बार गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर और जमीन का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है. पहले ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति का कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं होता था, जिससे विवाद और कानूनी जटिलताएं पैदा होती थीं. अब प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से न केवल स्वामित्व स्पष्ट होगा, बल्कि लोग अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे.
डिजिटल रूप में तैयार हो रहे दस्तावेज
इस पूरी प्रक्रिया में ड्रोन तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. ड्रोन के जरिए गांवों का सटीक नक्शा तैयार किया गया, जिससे जमीन की सीमाओं का निर्धारण पारदर्शी और विवाद रहित तरीके से किया जा सका. इससे प्रशासन को भी रिकॉर्ड तैयार करने में आसानी हुई और पूरी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही है.
अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आएगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी. साथ ही, यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक साबित होगी, क्योंकि संपत्ति के अधिकार मिलने से लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके.
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