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MP में कॉलेजों में बचा बजट, शेष राशि से चुकाए जाएंगे बिजली बिल, विभाग का सख्त निर्देश- प्राचार्य होंगे जिम्मेदार

Madhya Pradesh Higher Education Department.

मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग.

MP News: मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी महाविद्यालयों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने प्रदेश के सभी शासकीय कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने यहां लंबित बिजली बिलों का भुगतान तत्काल प्रभाव से करें. इसके लिए कॉलेजों को आवंटित ग्लोबल बजट की शेष राशि का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं.

विभाग के पास बड़ी मात्रा में बजट शेष बचा

दरअसल, वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है और विभाग के पास बड़ी मात्रा में बजट शेष बचा हुआ है. ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग चाहता है कि इस राशि का उपयोग लंबित देनदारियों के निपटान में किया जाए, ताकि नए वित्तीय वर्ष में वित्तीय बोझ कम हो सके. इसी के तहत यह आदेश जारी किया गया है. विभाग के संयुक्त संचालक वित्त की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से संबंधित सभी लंबित बिजली बिलों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. इसके अलावा कॉलेजों में पानी और बिजली जैसे आवश्यक खर्चों के लिए पहले से ही बजट प्रावधान उपलब्ध है.

लापरवाही पर कार्रवाई भी हो सकती

निर्देशों में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि बजट उपलब्ध होने के बावजूद किसी कॉलेज में बिजली बिल लंबित पाया जाता है, तो संबंधित प्राचार्य को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा. यानी इस बार विभाग ने जवाबदेही तय करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही पर कार्रवाई भी हो सकती है. उच्च शिक्षा विभाग का यह कदम प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है. इससे एक ओर जहां सरकारी कॉलेजों की वित्तीय स्थिति अधिक पारदर्शी होगी, वहीं बिजली कंपनियों के बकाया भुगतान भी समय पर हो सकेंगे.

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