PM मोदी ने इंदौर अग्निकांड पर जताया दुख, मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख की आर्थिक मदद का किया ऐलान

पीएम ने कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. इसके साथ ही उन्होंने हादसे में घायल लोगों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है.
PM Modi

पीएम मोदी

Indore Fire: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर अग्निकांड पर दुख और संवेदनाएं व्यक्त की हैं. पीएम ने कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. इसके साथ ही उन्होंने हादसे में घायल लोगों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है.

2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

हादसे में मारे गए लोगों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके पीएम मोदी ने जानकारी दी कि मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि का ऐलान किया गया है. ये राशि प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से जारी की जाएगी.

सीएम मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर अग्निकांड के जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) चार्जिंग से हुई दुर्घटना से नई चुनौती सामने आई है. इसकी गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.

सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके उन्होंने लिखा कि ऐसी घटनाओं को रोकने और जन जागरूकता की दिशा में हम कार्य करेंगे. वहीं उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक जैसी सुविधाएं हमारी आवश्यकता है लेकिन इनसे सावधानी और सतर्कता जरूरी है.

आग लगने से 8 लोगों की मौत

दरअसल, इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार (18 मार्च) तड़के करीब 4 बजे रबर कारोबारी मनोज पुगालिया के घर के बाहर चार्जिंग पर लगी कार में अचानक आग लग गई. ये धीरे-धीरे घर में फैल गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग धधकी. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग घायल हो गए. आज शाम सभी मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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बताया जा रहा है कि आग लगने की वजह से डिजिटल लॉक ने काम करना बंद कर दिया था. इस वजह से घर में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए. इस हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. घर से शवों को निकालने में भी रेस्क्यू टीम को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा. लगभग दो घंटे की मेहनत और खिड़कियों से लोहे की ग्रिल हटाने के बाद टीम घटनास्थल पर पहुंची.

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