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Gwalior News: 35 साल पहले फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बना आबकारी अधिकारी, रिटायरमेंट के पहले खुला राज

There is an allegation of becoming an excise officer in Gwalior with a fake caste certificate.

ग्वालियर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से आबकारी अधिकारी बनने का आरोप लगा है.

Gwalior News: मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि आबकारी अधिकारी राजेश हेनरी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी हासिल कर ली. इतना ही नहीं लगभग 35 सालों तक वे नौकरी करने के दौरान प्रमोशन भी लेते रहे. अब रिटायरमेंट के पहले अधिकारी के फर्जीवाड़े से पर्दा उठा है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से बनवाया था फर्जी प्रमाण पत्र

आरोप है कि राजेश हेनरी ने अपना अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से बनवाया था. जिसके बाद मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग में उन्होंने सरकारी नौकरी शुरू की. इस दौरान वे प्रमोशन भी लेते रहे. हालांकि राजेश हेनरी मूल रूप से मध्य प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले हैं.

राजेश हेनरी के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाना सिस्टम की बड़ी खामी को दिखाता है. राजेश हेनरी ने लगभग 30 सालों तक सरकारी नौकरी की. लेकिन सिस्टम में किसी को भी भनक नहीं लग सकी.

SC-ST आयोग की जांच में हुआ खुलासा

आबकारी अधिकारी राजेश हेनरी के फर्जी तरीके से नौकरी पाने के मामले में एससी एसटी आयोग ने शुरुआती जांच की थी. लेकिन जांच में ये बात सामने आई है कि ये प्रमाण पत्र नियमों के मुताबिक नहीं है. एससी-एसटी आयोग ने इसे साजिश मानते हुए आबकारी विभाग से जवाब तलब किया है.

नौकरी जाने के साथ ही FIR भी दर्ज होगी

आबकारी विभाग में फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी लेने के मामले में एससी एसटी आयोग ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है. आयोग ने कहा है कि अगर आबकारी अधिकारी राजेश हेनरी पर लगे आरोप सच पाए जाते हैं तो नौकरी जाने के साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आयोग ने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर अधिकारी पर एफआईआर दर्ज होगी.

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