MP News: मध्य प्रदेश में जीएसटी चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है. व्यापारियों ने टैक्स बचाने के लिए हैरान करने वाला तरीका अपनाया. ऑटो और कार जैसे छोटे वाहनों से सैकड़ों क्विंटल माल के परिवहन का रिकॉर्ड दिखाकर जीएसटी चोरी की गई. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में यह गड़बड़ी उजागर हुई है.
सीएटी रिपोर्ट में खुलासा
रिपोर्ट के मुताबिक व्यापारियों ने 74 क्विंटल से ज्यादा आटा ऑटो से परिवहन दिखाया, जबकि करीब 300 क्विंटल आटा और तिलहन कार से दिल्ली भेजने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वाहनों की क्षमता से कई गुना ज्यादा माल दिखाकर टैक्स चोरी की गई. ऑडिट टीम ने जब वाहनों के नंबर का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के डेटाबेस से मिलान किया तो गड़बड़ी सामने आई. जिस वाहन से 7556 चादरों का परिवहन दिखाया गया, वह दरअसल मोटरसाइकिल/स्कूटर निकला.
सीएजी रिपोर्ट में सामने आया कि व्यापारियों ने टैक्स चोरी के लिए एक्टिवा, चोरी के वाहन, ब्लैकलिस्टेड वाहन और कारों से माल ढुलाई दिखा दी. इंदौर-3 वृत्त के एक मामले में एमपी-46 बीजी 2879 नंबर के दोपहिया वाहन से 7556 चादरों का परिवहन दिखाया गया.
कई और मामलों में भी गड़बड़ी
पीथमपुर के एक मामले में एमपी-46 बीएन 3925 नंबर के वाहन से 335 किलो केमिकल का परिवहन दिखाया गया, जबकि जांच में यह वाहन होंडा एक्टिवा निकला. ऑडिट में इस तरह की कई अन्य गड़बड़ियां भी सामने आई हैं.
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विभाग ने कहा- पहचान करना मुश्किल
सीएजी द्वारा गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद विभाग ने अपने जवाब में कहा कि नवंबर 2024 में केवल वाहन नंबरों की जानकारी दी गई थी. विभाग गुड्स एंड सर्विस टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (जीएसटीइन ) की पहचान करने में असमर्थ है, क्योंकि ई-वे बिल का डेटा सिर्फ पिछले दो महीने तक ही उपलब्ध रहता है.
