‘MP के बासमती को GI टैग नहीं मिला तो अनशन करूंगा’, दिग्विजय सिंह ने एपीडा पर लगाया भेदभाव का आरोप
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह(File Photo)
MP News: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग नहीं मिलने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश के बासमती चावल को जल्द ही जीआई (Geographical Indication) टैग नहीं दिया गया तो वे इस मुद्दे को लेकर अंशन पर बैठेंगे. भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान हर साल करीब 27 लाख मैट्रिक टन बासमती चावल का उत्पादन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के चावल को जीआई टैग नहीं दिया जा रहा है.
‘APEDA MP के साथ न्याय नहीं करेगा’
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि APEDA इस मामले में मध्य प्रदेश के साथ न्याय नहीं कर रहा. दिग्विजय सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के बासमती चावल का मुकाबला सीधे पाकिस्तान से होता है. ऐसे में यदि मध्य प्रदेश के बासमती को जीआई टैग नहीं मिलता है तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश के किसानों को होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा अवसर मिल रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है. उन्होंने कहा कि 7 मार्च को एक बार फिर प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग दिलाने की मांग की गई है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो वे किसानों के हित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे.
शिवराज और पीयूष गोयल पर साधा निशाना
दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के बासमती को जीआई टैग का दर्जा नहीं मिलना किसानों के साथ अन्याय है और इसके लिए केंद्र सरकार के जिम्मेदार मंत्री जवाबदेह हैं. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि जीआई टैग को लेकर जो प्रक्रिया पहले चल रही थी, उसे उनकी सरकार के जाने के बाद रद्द कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के किसानों को भारी नुकसान हुआ है.
राजनीति से रिटायरमेंट पर भी बोले
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे राजनीति से रिटायरमेंट को लेकर सवाल किया गया तो दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि वे पार्टी के लिए हमेशा काम करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के तीसरे कार्यकाल के लिए खुद ही मना कर दिया है, लेकिन पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसे निभाते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना है और यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन भी करेंगे.