Bhopal News: मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्थान में भी एनडीपीएस एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर आवाज उठने लगी है. दोनों राज्यों में इस कानून के कुछ प्रावधानों पर पुनर्विचार और दुरुपयोग रोकने की मांग तेज हो रही है. राजस्थान के निम्बाहेड़ा से विधायक श्रीचंद कृपलानी ने हाल ही में विधानसभा में यह मुद्दा उठाया.उन्होंने कहा कि यह कानून भले ही केंद्र सरकार ने बनाया हो, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों के कारण कई बार निर्दोष लोग भी मामलों में फंस जाते हैं.
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के तहत जब कोई व्यक्ति मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए पकड़ा जाता है तो वह कई अन्य लोगों के नाम भी इस मामले में जोड़ देता है. कई बार आरोपी अपने निजी दुश्मनों के नाम भी इसमें लिखवा देते हैं, जिससे निर्दोष लोगों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है.
पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया मुद्दा
इधर मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने पत्र में कहा है कि इस धारा के तहत कई बार निर्दोष और निरपराध लोगों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं.
पत्र में उल्लेख किया गया है कि…
पत्र में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच के साथ ही राजस्थान के कोटा, झालावाड़, निम्बाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों में इस तरह के मामले अधिक सामने आते हैं. इन क्षेत्रों में अफीम की खेती भी होती है. उन्होंने मांग की है कि इस संबंध में केंद्र सरकार से चर्चा कर कानून के प्रावधानों की समीक्षा की जाए, ताकि असली तस्करों के खिलाफ सख्ती बनी रहे और निर्दोष लोगों को परेशान न होना पड़े.
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