LPG Crisis: राजधानी भोपाल में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर सरकारी दावों और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. हालात यह हैं कि बुकिंग कराने के बावजूद 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है. शहर के कई इलाकों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है.
डिलीवरी में हो रही देरी से बढ़ी परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी 5 से 6 दिन तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है. कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ती जा रही है. लोगों का आरोप है कि एजेंसियां समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है और परेशानी बढ़ रही है.
जांच में सामने आया दुरुपयोग, सिलेंडर जब्त
इसी बीच सोमवार को जिला आपूर्ति विभाग की टीम ने शहर में कई जगहों पर जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान कुछ होटल और रेस्टोरेंट में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग होते हुए पाया गया. इस पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने करीब 45 सिलेंडर जब्त किए.
160 शिकायतें दर्ज, जांच जारी
विभाग के अनुसार सिलेंडर वितरण में देरी को लेकर अब तक करीब 160 उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज की गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, वहां संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
लापरवाही पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराना एजेंसियों की जिम्मेदारी है. यदि किसी एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है. प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है.
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