MP News: भोपाल में ‘अपनों से खरीदारी’ पर विवाद, ईद–नवरात्र को लेकर संगठनों में टकराव

पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है और इसे समाज को बांटने वाली राजनीति बताया है. कांग्रेस का कहना है कि भोपाल गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है, और ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं.
Protest by Hindu organizations after appeal to buy only from Muslim shops during Ramzan.

रमजान में मुस्लिम दुकानों से ही खरीद की अपील के बाद हिंदू संगठनों का प्रदर्शन.

MP News: भोपाल के बाजारों में रमजान की रौनक शुरू होने वाली है, लेकिन इस बार खरीदारी के साथ सियासत भी गरमा गई है. भोपाल अहले सुन्नत समिति और AIMIM ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे रमजान और ईद की खरीदारी केवल मुस्लिम दुकानदारों से ही करें. उनका कहना है कि इससे समाज की आर्थिक मजबूती बढ़ेगी. निजामी से जब हमने बातचीत की तो उन्होंने कई तर्क दिए. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज पढ़ाई में पीछे है और ऐसे में जब मुस्लिम दुकानदारों की कमाई बढ़ेगी तो इससे मुस्लिम बच्चों की शिक्षा बेहतर होगी. हमने लगातार निजामी से सवाल पूछा कि क्या आप समाज को इस पहल से बांटने का काम नहीं कर रहे हैं. निजामी ठीक से जवाब नहीं दे पाए.

हिंदू संगठन बोले- क्रिया पर प्रतिक्रिया

मुस्लिम संगठनों की इस अपील के बाद हिंदू उत्सव समिति ने भी पलटवार किया है. समिति ने नवरात्र के मौके पर हिंदुओं से अपील की है कि वे सामान सिर्फ हिंदू दुकानदारों से ही खरीदें. उनका आरोप है कि इस तरह की अपीलें पहले छिपकर की जाती थीं, लेकिन अब खुलकर सामने आ रही हैं. हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है की हर वर्ष ईद के मौके पर मुसलमानों के द्वारा पंपलेट बांटे जाते हैं और अपील की जाती है. सोशल मीडिया के माध्यम से भी मुस्लिम समुदाय के लोग मुसलमानों की दुकानों से ही सामान खरीदें, ऐसे में अगर हम क्रिया की प्रतिक्रिया कर रहे हैं, तो क्या दिक्कत है.

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है और इसे समाज को बांटने वाली राजनीति बताया है. कांग्रेस का कहना है कि भोपाल गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है, और ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं. अब सवाल यह है कि क्या त्योहार, जो कभी भाईचारे का प्रतीक थे, अब धर्म के आधार पर बंटते नजर आएंगे.

सबका साथ सबका विकास पर काम कर रहे’

हिंदू संगठनों ने कहा कि यह मोदी जी की सरकार है. हम सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास पर काम करते हैं. हमारी योजनाएं हिंदू और मुसलमान में भेद नहीं करती है. यहां सीता को अगर घर मिलता है, तो सलमा को भी घर मिलता है. कुछ और सामाजिक तत्व समाज को बांटने का काम करते हैं. मुस्लिम समाज के लोगों को चाहिए कि ऐसे लोगों का विरोध करें.

शांति का टापू बन रहे भोपाल

मध्य प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है. बात अगर राजधानी भोपाल की करें, तो गंगा-जमुना तहजीब का यह शहर माना जाता है. हमेशा से हर पर्व हिंदू और मुस्लिम मिलकर ही मनाते आए हैं. मगर आप चाहे हिंदू संगठन हो या फिर एआईएमआईएम का नेता, दोनों ही समाज को बांटने का काम करते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि विस्तार न्यूज के संवाददाता विवेक राणा लोगों के बीच पहुंचे, जहां हिंदू दुकान में लोगों का कहना है कि भोपाल शांति का टापू है, और इसी प्रकार शांति बनी रहे, वहीं मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि ऐसे विवाद की चलते त्योहारों में असर पड़ता है, भोपाल में शांति व्यवस्था बनी रहे.

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