CM मोहन यादव के आदेश पर खेती को लाभ का धंधा बनाने पर जुटे 5 विभाग, मंत्री-अफसरों ने बनाई रणनीति
सीएम मोहन यादव
MP News: मध्य प्रदेश में खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के पांच विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मंथन में जुटे. किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की पहल पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों को कृषि से जुड़ी योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी गई.
मिशन पर जुटे ये 5 विभाग
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए सरकार की योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना है. इसमें कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, सहकारिता और पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी साझा की गई. बैठक में बताया गया कि खेती में नई तकनीकों, जैविक खेती, जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों के उपयोग से लागत कम कर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. साथ ही किसानों को पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.
सीएम रोडमैप की समीक्षा की
अधिकारियों ने बताया कि तालाबों के बेहतर उपयोग से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है, वहीं डेयरी और सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों ने अपनी-अपनी योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया. दोपहर बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यक्रम में शामिल होकर विभागों की कार्ययोजना की समीक्षा की.
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इन मुद्दों पर हुआ प्रस्तुतीकरण
- कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं
- उद्यानिकी व मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन की संभावनाएं
- सहकारिता व पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर जोर