MP News: भोपाल में एक सदी बाद सत्ता और प्रशासन की कमान महिलाओं के हाथ! महिला दिवस पर ऐतिहासिक संयोग
भोपाल नगर निगम आयुक्त और महापौर(File Photo)
MP News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण सामने आया है. लगभग एक सदी बाद शहर में ऐसा संयोग बना है, जब प्रशासन और राजनीति के कई अहम पदों की कमान एक साथ महिलाओं के हाथों में है. विधानसभा से लेकर नगर निगम, स्मार्ट सिटी और जिला पंचायत तक कई प्रमुख जिम्मेदारियां वर्तमान में महिला नेतृत्व के पास हैं.
भोपाल की आखिरी महिला शासक सुल्तान जहां बेगम थीं
इतिहास पर नजर डालें तो भोपाल की आखिरी महिला शासक सुल्तान जहां बेगम ने वर्ष 1901 से 1926 तक भोपाल रियासत पर शासन किया था. उनके शासनकाल के बाद अब वर्ष 2026 में ऐसा अवसर आया है, जब राजधानी में एक साथ कई प्रमुख पदों पर महिलाओं की मजबूत मौजूदगी दिखाई दे रही है. राजधानी के नागरिक प्रशासन और स्थानीय शासन में इस समय कई अहम पदों पर महिलाएं जिम्मेदारी निभा रही हैं. इनमें मालती राय महापौर के रूप में शहर की कमान संभाल रही हैं. तो वहीं संस्कृति जैन नगर निगम कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं और शहर के प्रशासनिक कामकाज को दिशा दे रही हैं. नगर निगम की राजनीति में भी महिला नेतृत्व नजर आ रहा है. निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी शबिस्ता जकी निभा रही हैं. इसके अलावा शहरी विकास से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स की कमान भी महिला अधिकारियों के हाथ में है. अंजू अरुण भोपाल स्मार्ट सिटी परियोजना की मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम कर रही हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के प्रशासन की जिम्मेदारी इला तिवारी संभाल रही हैं. राजनीतिक स्तर पर भी राजधानी से महिला नेतृत्व सक्रिय है. कृष्णा गौर प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए भोपाल का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
महापौर ने दी महिला दिवस की शुभकामनाएं
महिला दिवस के अवसर पर महापौर मालती राय ने शहर की सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह समय महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रियता से प्रशासन और समाज दोनों को नई दिशा मिल रही है. परिवार के सहयोग से महिलाएं आगे बढ़ रहीं हैं. नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन का मानना है कि आज महिलाएं पहले से अधिक प्रेरित और सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के पास प्रतिभा और आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है, उन्हें सिर्फ परिवार और समाज के सहयोग की आवश्यकता होती है. संस्कृति जैन ने कहा कि यदि परिवार का समर्थन मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं और प्रशासनिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा सकती हैं.
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