MP News: मोहन कैबिनेट में लिए गए कई बड़े फैसले, 3800 करोड़ की सड़क, गेहूं पर बोनस मंजूर

कैबिनेट के फैसलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि राहत, जल संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को केंद्र में रखा गया है, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति देने की कोशिश दिखाई देती है.
The cabinet meeting was held under the chairmanship of Chief Minister Dr. Mohan Yadav.

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई.

MP News: मोहन सरकार की मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग हुई. कैबिनेट मीटिंग के दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट मीटिंग को लेकर प्रेस ब्रीफ देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि मीटिंग में हुए फैसलों की जानकारी दी. चैतन्य कश्यप ने बताया कि 3800 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही गेहूं उपार्जन पर बोनस को मंजूरी मिल गई है.

3800 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी

केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद बदनावर–टिमरनी फोरलेन मार्ग को मंजूरी दी गई है.

  • लागत: लगभग ₹3,600 से ₹3,839 करोड़
  • यह सड़क आदिवासी अंचल से होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी देगी
  • सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए 2027 तक निर्माण का लक्ष्य

इस बदनावर–टिमरनी फोरलेन मार्ग के बनने से गुजरात और राजस्थान से कनेक्टिविटी मजबूत होगी. जिससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

गेहूं उपार्जन पर बोनस को मंजूरी

  • किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी.
  • कुल समर्थन मूल्य लगभग ₹2625 प्रति क्विंटल तक पहुंचेगा.

उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर

उज्जैन में धार्मिक और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं.

  • चिमनगंज मंदिर चौराहे से इंदौर रोड तक एलिवेटेड कॉरिडोर
  • लंबाई: करीब 5.5 किमी
  • लागत: लगभग ₹945 करोड़

जल महोत्सव और जलगंगा संवर्धन अभियान

  • 8 मार्च से 22 मार्च तक गांव-गांव में जल महोत्सव.
  • हर पंचायत में दो गांव चयनित कर जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा.
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान.
  • 19 मार्च से ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत:
  • पिछले साल 86,000+ खेत और तालाब, 553 अमृत सरोवर, 1 लाख कुओं का रिचार्ज, 3300+ शहरी जल स्रोत पुनर्जीवित

रीवा में माइक्रो सिंचाई परियोजना

  • लागत: करीब ₹228 करोड़
  • सिंचाई क्षमता: 7530 हेक्टेयर
  • 37 गांव होंगे लाभान्वित

परियोजना पूरी होने पर सिंचित क्षेत्र करीब 19% तक बढ़ेगा

कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि राहत, जल संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को केंद्र में रखा गया है, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति देने की कोशिश दिखाई देती है.

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