Tired Even After Full Sleep: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पर्याप्त समय नहीं है. आज हर वर्ग के लोग चाहे वे युवा हो, महिलाएं हों या बुजुर्ग मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं. खासकर युवा पीढ़ी में मानसिक तनाव और दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अक्सर लोग डॉक्टरों के पास यह समस्या लेकर जाते हैं कि 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लेने के बाद भी जब वे सुबह उठते हैं, तो उन्हें थकान और कमजोरी महसूस होती है और बार-बार नींद आती है.
कई विशेषज्ञों का मानना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए कम से कम 7 घंटे की नींद पर्याप्त होती है. इसके बावजूद अगर बार-बार सोने का मन करता है, तो यह शरीर में कुछ कमियों का संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं कि 7 से 8 घंटे सोने के बाद भी शरीर में कमजोरी और बार-बार नींद आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं.
सुबह उठते ही कमजोरी महसूस क्यों होती है?
- आज लगभग हर कोई मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहा है. कई लोग घंटों तक इनके जरिए ऑफिस का काम करते हैं और घर आने के बाद भी मोबाइल नहीं छोड़ते.
- सोने से ठीक पहले तक इसका उपयोग करते रहते हैं. डॉक्टर बताते हैं कि मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) शरीर के ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन को दबा देती है, जिसके कारण नींद जल्दी आने के बजाय देरी से आती है और बार-बार टूटती है.
- इसीलिए जब आप सुबह उठते हैं, तो शरीर थका हुआ और सिर भारी लगता है, जिससे काम में मन नहीं लगता.
क्या विटामिन की कमी से थकान हो सकती है?
- हमारा शरीर कई पोषक तत्वों से मिलकर बना है, जिनमें से एक विटामिन है. डॉक्टरों का कहना है कि जब शरीर में विटामिन-D की कमी हो जाती है, तो दिनभर थकान, सुस्ती और मांसपेशियों में दर्द बना रह सकता है.
- इसके अलावा, विटामिन-B12 की कमी से भी शरीर ढीला पड़ जाता है और काम करने की ऊर्जा नहीं बचती.
- विटामिन-B12 की कमी के कारण शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे लगातार थकान महसूस होती है.
लेट नाइट कैफीन या मीठा लेना
डॉक्टरों के अनुसार, रात को सोने से पहले चाय, कॉफी, चॉकलेट या मीठी चीजों का सेवन करने से शरीर का नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है. इससे गहरी नींद आने में समस्या होती है और नींद चैन भरी नहीं रहती. इसी वजह से 7 से 8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठने पर शरीर में थकान महसूस होती है.
हार्मोन का असंतुलन होना
मानव शरीर में कई तरह के हार्मोन पाए जाते हैं, जो शरीर के संचालन के लिए बहुत जरूरी होते हैं. इनमें कुछ ऐसे हार्मोन होते हैं जो नींद, भूख, मूड और एनर्जी लेवल को कंट्रोल करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, जब स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, तो नींद की खराब हो जाती है. ऐसे में आप घंटों तक सोते तो हैं, लेकिन शरीर की थकान बनी रहती है.
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शारीरिक दिनचर्या जरूरी
हमारे बुजुर्ग भी कहते आए हैं कि समय पर सोना और समय पर जागना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है. डॉक्टर भी अक्सर सलाह देते हैं कि एक निश्चित शारीरिक दिनचर्या (Routine) बनाना बहुत जरूरी है. लेकिन आज की बिजी लाइफ में इंसान के सोने-जागने का कोई फिक्स समय नहीं रह गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, हर दिन अलग-अलग समय पर सोने से शरीर की ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ बिगड़ जाती है. यही कारण है कि 7 से 9 घंटे की नींद के बाद भी इंसान फ्रेश महसूस नहीं करता और मानसिक तनाव और थकान बनी रहती है.
